इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नंबर 777888999 तेजी से वायरल किया जा रहा है . ज्ञात हो की व्हाट्सएप्प , फेसबुक तथा अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से इस नंबर को एक खतरनाक वायरस बताकर वायरल किया जा रहा है, लेकिन इस नंबर की सच्चाई क्या है जानना जरूरी हो जाता है .
कोई इसे (777888999) को वायरस बताकर न उठाने की बात कह रहा है, तो कोई इस नंबर से कॉल रिसीव करने पर फोन में बलास्ट हो जाने की बात कह रहा है. लेकिन हकीकत ये है कि ऐसा कुछ भी नहीं है. न तो ये नंबर कोई वायरस है और न ही इस नंबर से कॉल आने पर आपके फोन में बलास्ट होगा. न ही ये नंबर किसी की जान ले सकता है. 9 अंकों वाले इस नंबर को लेकर तरह तरह के मैसेज वायरल हो रहे हैं, जो लोगों को खौफजदा कर रहे हैं.
दरअलस, पिछले कुछ दिनों में इस नंबर को लेकर सोशल मीडिया में लेकर तरह तरह की अफवाहें फैलाई जा रही है. लोग इस नंबर को शेयर करते हुए लिख रहे हैं कि इस नंबर से कॉल आए तो मत उठाना. अगर फोन पिक किया तो आपके फोन का डाटा उड़ जाएगा, फ़ोन फट जाएगा .
जबकि हकीकत में ऐसा कुछ भी नहीं है. कुछ लोगों ने तो सोशल मीडिया पर इस नंबर को लेकर ये मैसेज वायरल कर दिए हैं. जिनसे लोगों में इस नंबर को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है. बिना ये जाने कि ये नंबर किसका है, कहां का है. ये नंबर सही है या नहीं, बस लोग इसे वायरल कर रहे हैं.
सच बात तो ये है कि इस नंबर से डरने की कोई ज़रूरत नहीं है. बिना किसी बात की पुष्टि किए बस इस नंबर को वायरल कर दिया गया. जबकि इस नंबर से जुड़ी किसी भी तरह की कोई घटना अभी तक सामने नहीं आई है. और आपको बता दें की नौ अंको वाली नंबर नाम की दुनिया में कोई चीज़ नहीं है और अगर है भी तो हरेक नंबर से कॉल आने पर उसके आगे कंट्री कोड जरूर लगी होती है जैसे – +91 , +92 , +93 , +1 इत्यादि , इसलिए दैनिक टुडे आपको सलाह देता है की इस तरह के भ्रान्ति फैलाने वाले मेसेजों से बचें और दूसरे को भी बचने के लिए प्रेरित करें !