अनिल कुंबले का कोच पद से इस्तीफा बोले कोहली के साथ चलना मुश्किल हो गया था

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टीम इंडिया के हेड कोच का पद छोड़ने के बाद अनिल कुंबले ने ट्विटर के माध्यम से मंगलवार देर रात अपने इस्तीफे की वजह बताई. उन्होंने लिखा, ‘मुझे एक दिन पहले यानी सोमवार को बीसीसीआई से पता चला कि भारतीय टीम के कप्तान को मेरी ‘शैली’ और मेरा हेड कोच के तौर पर बने रहना पसंद नहीं है. यह जानकर मुझे बड़ी हैरानी हुई. जबकि मैंने हमेशा कप्तान और कोच की भूमिकाओं की सीमाओं का सम्मान किया है. हालांकि बीसीसीआई ने कप्तान और मेरे बीच की गलतफहमी को दूर करने की भरसक कोशिश की. लेकिन इसके बाद मेरा मानना था कि कोच और कप्तान के तौर पर हम दोनों की भागीदारी नहीं चल सकती है. और इसके बाद ही मैंने ने पद छोड़ना बेहतर समझा.’

1) कैप्टन और पूरी टीम का शुक्रिया अदा किया
– कुंबले ने लिखा- क्रिकेट एडवाइजर कमेटी ने मुझे हेड कोच बने रहने को कहा था। मुझ पर भरोसा जताने के लिए मैं सम्मानित महसूस करता हूं। पिछले एक साल के अचीवमेंट्स का पूरा क्रेडिट कैप्टन, पूरी टीम, कोचिंग और सपोर्टिंग स्टाफ को जाता है।

2) विराट से मतभेदों पर
– कुंबले ने आगे लिखा- कल पहली बार बीसीसीआई की तरफ से मुझे बताया गया कि कैप्टन को मेरी ‘स्टाइल‘ पर एतराज था। उन्हें मेरे हेड कोच बने रहने पर भी एतराज था। मुझे यह जानकर आश्चर्य हुआ क्योंकि मैंने हमेशा कैप्टन और कोच के बीच की बाउंड्रीज का सम्मान किया था। बहरहाल, बीसीसीआई ने कैप्टन और मेरे बीच गलतफहमी दूर करने की कोशिश की लेकिन यह जाहिर था कि हम दोनों की पार्टनरशिप टिकाऊ नहीं थी। लिहाजा, मैंने साेचा कि मेरे लिए आगे बढ़ जाना ही ठीक रहेगा।

3) खुद के तरीकों के बारे में भी बताया
– कुंबले ने ट्वीट किए लेटर में लिखा- मैं प्रोफेशनलिज्म, डिसिप्लीन, कमिटमेंट, ऑनेस्टी, कॉम्प्लीमेंट्री स्किल्स और अलग व्यूज लेकर आया। किसी भी पार्टनरशिप को असरदार बनाने के लिए इन चीजों की अहमियत समझने की जरूरत है।
– कुंबले ने कहा कि मेरी नजर में कोच का रोल आईना दिखाने वाला होता है ताकि टीम की बेहतरी के लिए आप सेल्फ इम्प्रूवमेंट ला सकें।

4) क्यों दिया इस्तीफा
– उन्होंने लिखा- इन अापत्तिजयों के मद्देनजर, मैंने सोचा कि मुझे ये जिम्मेदारी छोड़ देनी चाहिए ताकि एडवाइजरी कमेटी और बीसीसीआई जिसे भी इसके लिए फिट समझे, उसे यह काम आगे सौंप दे।

5) सभी का शुक्रगुजार
– कुंबले ने लिखा- मैं दोहराना चाहता हूं कि बीते एक साल में हेड कोच के तौर पर सेवाएं देकर मैं काफी सम्मानित महसूस करता हूं। मैं एडवाइजरी कमेटी, एडमिनिस्ट्रेटर्स कमेटी और बीसीसीआई का शुक्रगुजार हूं। मैं इस सपोर्ट के लिए इंडियन क्रिकेट के अनगिनत फॉलोअर्स का भी शुक्रिया अदा करता हूं। मैं मेरे देश के महान क्रिकेटिंग ट्रेडिशन का शुभचिंतक बना रहूंगा।

सचिन-सौरव-लक्ष्मण ने कई कोशिशें
– बताया जाता है कि लंदन में जब टीम चैम्पियंस ट्रॉफी खेल रही थी, तब सचिन-सौरव-लक्ष्मण की एडवाइजरी कमेटी ने कोहली-कुंबले के बीच गलतफहमियां दूर करने की काफी कोशिश की थी। लेकिन ये कोशिशें बेनतीजा रहीं।
– एक बार जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में कोहली से कुंबले के बारे में पूछा गया था तो उन्होंने किसी भी तरह की अनबन होने से इनकार किया था।

कुंबले ने टीम इंडिया को यहां पहुंचाया
– कुंबले 24 जून 2016 को हेड कोच बने थे।
– उनके कार्यकाल के दौरान ICC टेस्ट रैंकिंग में टीम इंडिया नंबर-वन बनी।
– भारत चैम्पियंस ट्रॉफी के फाइनल तक पहुंचा।
– वनडे और टेस्ट में टीम का परफॉर्मेंस बेहतरीन रहा।

46 वर्षीय कुंबले ने पिछले साल जून में भारतीय टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी संभाली थी. उनके कोच रहते भारतीय टीम ने 17 टेस्ट मैचों में से 12 में जीत हासिल की. उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय कप्तान, पूरी टीम, कोचिंग और सपोर्ट स्टाफ को दिया. साथ ही उन्होंने क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) का भी धन्यवाद किया है, जिसने उन्हें कोच के तौर पर बने रहने को कहा था.

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