रायबरेली के ऊंचाहार NTPC बॉयलर हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़ते जा रही है. मरने वालों का आंकड़ा 26 तक पहुंच गया है, जबकि 100 लोग घायल हुए हैं. एनटीपीसी के 3 एजीएम संजीव शर्मा, प्रभात श्रीवास्तव और मिश्रीराम भी हादसे में घायल हुए हैं. वहीँ कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी गुजरात दौरे को बीच में छोड़ हादसे के पीड़ितों से मिलने के लिए रायबरेली पहुंचे हैं.
राहुल गांधी ने सबसे पहले पोस्टमार्टम हाउस का दौरा किया, इसके बाद वह सीधा जिला अस्पताल पहुंचे. हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए 3 लोगों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एयरपोर्ट भेजा जा रहा है. लखनऊ पुलिस ग्रीन कॉरिडोर बनाने का काम कर रही है, वहां से उन्हें सीधा दिल्ली रेफर किया जाएगा.
राहुल गांधी थोड़ी देर में NTPC पहुंचने वाले हैं, लेकिन उससे पहले मजदूरों ने गेट पर हंगामा करना शुरू कर दिया है. मजदूर लगातार NTPC मुर्दाबाद के नारे लगा रहे हैं. अधिकारियों को प्लांट के अंदर जाने से रोका गया है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से हादसे में मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे का ऐलान किया है. सभी को 2-2 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा जो लोग घायल हुए हैं उन्हें 50 हजार रुपए का मुआवजा मिलेगा.
Prime Minister @narendramodi has approved an ex- gratia of Rs. 2 lakh each for the next of kin of those who have lost their lives due to the accident at the NTPC plant in Raebareli, Uttar Pradesh. PM has approved Rs. 50,000 each for those injured due to the accident.
— PMO India (@PMOIndia) November 2, 2017
हादसे के बाद सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर किसकी लापरवाही से इतना बड़ा हादसा हो गया?
एनटीपीसी ऊंचाहार के प्लांट की छठी युनिट में अचानक ब्यालर फटने के बाद उसमें से गर्म पानी और दहकती हुई राख निकली जिससे वहां काम कर रहे कर्मचारियों को जान बचाने का मौका तक नहीं मिल पाया। कुछ कर्मचारियों की तो मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। ब्वायलर फटने से इतना बड़ा धमाका हुआ कि प्लांट के अंदर काम कर रहे कर्मचारी महसूस भी नहीं कर पाये और मौत उन्हें अपने साथ ले गई। जो जहां था वो वहीं मौत की आगोश में चला गया। हादसे के बाद पूरे प्लांट को बंद कर दिया गया है। 42 लोग ज़िला अस्पताल में भर्ती हैं, 8 को लखनऊ के ट्रामा सेंटर ले जाया गया है।
जिस यूनिट में बॉयलर का स्टीम पाइप फटा है वो NTPC की नई यूनिट है। ब्यालर में ब्लास्ट कैसे हुआ इसकी जांच की जा रही है। हादसे के बाद कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। पहला सवाल तो ये हैं कि क्या इस हादसे की आशंका पहले से ही हो गई थी और अगर हो गई थी जो इतना बड़ा जोखिम मोल क्यों लिया गया। दोपहर में बारह बजे ऐसे क्या संकेत मिले कि एनटीपीसी के इंजीनियर प्लांट में रिपेयर का काम करने में जुट गये। आखिर किस कीमत पर इतने कर्मचारियों की जान को खतरे में रखा गया।
जिन लोगों ने हादसे को करीब से देखा वो बता रहे हैं कि एनटीपीसी के इंजीनियर कुछ रिपेयर का काम कर रहे थे, हादसे से पहले प्लांट में कुछ गड़बड़ी आ गई थी। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये का मुआवज़ा देने का ऐलान किया है, गंभीर रूप से घायलों को पचास हज़ार और कम घायलों को 25 हज़ार मुआवज़े का एलान किया गया है।