ये क्या शहीद के घर से AC क्यों उठा ले गए प्रशासन वाले

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए बीएसएफ के हेड कांस्टेबल प्रेम सागर के घर देवरिया पहुंचे. मुख्यमंत्री योगी के दौरे से 24 घंटे पहले कुछ समय के लिए जिला प्रशासन ने आनन-फानन में शहीद के घर को पूरी तरह से हाइटेक बना दिया.

प्राप्त सूचना के अनुसार, शनिवार को उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री का देवरिया स्थित शहीद हेड कांस्टेबल प्रेम सागर के घर जाने का कार्यक्रम तय था. इसे देखते हुए शहीद के घर के जिस कमरे में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी उनके परिजनों से मिलने वाले थे, उसमें एसी के साथ साथ सोफे और कालीन भी बिछा दिए गए. बाद में जैसे ही मुख्यमंत्री शहीद के परिवार वालों से मिलकर गोरखपुर के लिए रवाना हुए, उसके आधे घंटे बाद ही जो भी इंतजाम किये गए थे सब कुछ वहां से हटा लिया गया.

सीएम ने 4 लाख का चेक दिया…
सीएम ने शुक्रवार को शहीद प्रेमसागर के घर पहुंचकर उनके परिजन से मुलाकात की। उन्होंने 4 लाख का चेक और 2 लाख रुपए की एफडी दी।

बता दें कि मुख्यमंत्री के शहीद के गांव में पहुंचने के पहले ही अफसरों ने शुक्रवार को यहां डेरा डाल लिया था. शहीद प्रेम सागर के बेटे ईश्वर चंद्र ने बताया कि जिस कमरे में हमें मुख्यमंत्री से मिलना था, उसमें शुक्रवार सुबह से ही बांस-बल्ली के सहारे एसी लगा दिया गया था. इतना ही नहीं, घर के तौलिए तक बदल दिए गए. देवरिया जिला प्रशासन ने रात में ही मजदूरों को लगाकर घर के अंदर पेंट भी करवा दिया. गांव की सड़कें भी रातों-रात चमक गईं. इसके अलावा नालियों को भी साफ करा दिया गया.

योगी आदित्यनाथ के आश्वासन के बाद हुआ था अंतिम संस्कार

दरअसल साम्भा से शहीद का पार्थिव शरीर उनके गांव भाटपाररानी क्षेत्र के टीकमपार लाए जाने पर परिवार के लोगों के साथ ही क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री को गांव में बुलाने की मांग की थी. लोगों का कहना था कि जब तक मुख्यमंत्री नहीं आएंगे वे शहीद का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे.

इस मामले की गम्भीरता देख गांव में मौजूद कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने मोबाइल फोन पर मुख्यमंत्री से परिवार के लोगों की बात कराई. उनसे बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 दिन के अंदर शहीद के घर आने का आश्वासन दिया था.

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