उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में नक्सल प्रभावित क्षेत्र गढ़वा के जंगल में पति-पत्नी की लाश पेड़ से लटकती मिली। पुलिस इस आत्महत्या मान रही है जबकि परिजनों ने दंपती की हत्या का शक जताते हुए तहरीर दी है।
परिजनों ने बताया कि शीतलगढ़ निवासी मिट्ठू (28) तथा उसकी पत्नी ऊषा (24) झाड़-फूंक कराने पड़ोस के गजरिया गांव में एक ओझा के यहां आते-जाते थे। ओझा के बुलाने पर तीन नवंबर की शाम मिट्ठू उषा को लेकर साइकल से वहां जाने के लिए निकला था। देर शाम तक दोनों वापस नहीं आए।
घरवालों ने उन्हें ढूंढा लेकिन उनका कुछ पता नहीं चला। आखिर दोनों की लाश पेड़ से लटके होने की सूचना उन्हें मिली। मड़िहान थानाध्यक्ष केके सिंह ने बताया कि मिट्ठू का शव महुआ के पेड़ में बधे दुपट्टे से झूलता मिला जबकि वहां से आधा किमी दूर उसकी पत्नी का शव चिलबिल के पेड़ से उसकी साड़ी से लटक रहा था। मिट्ठू को चार साल की बेटी सपना है, जिससे उषा दो घंटे बाद ही लौटने को कहकर गई थी।
केके सिंह ने बताया कि दोनों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं। दोनों के आत्महत्या करने की आशंका है। आत्महत्या के पीछे का कारण पुलिस तलाश रही है। हो सकता है कि पारिवारिक समस्याओं के चलते दोनों ने खुदखुशी की हो।