NDA की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद ने संसद भवन में अपना नामांकन दाखिल किया . इस दौरान उनके साथ पीएम मोदी, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह भी मौजूद थे..
इससे पहले भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह और रामनाथ कोविंद एक ही गाड़ी में बैठकर नामांकन भरने के लिए रवाना हुए. रामनाथ कोविंद के नामांकन में कुल 480 प्रस्तावक होंगे, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले प्रस्तावक होंगे. नामांकन करने के बाद रामनाथ कोविंद मीडिया से बात भी करेंगे.
दिग्गजों का लगा जमावड़ा…
कोविंद के नामांकन के लिए बीजेपी दिग्गजों का जमावड़ा संसद भवन में रहा. अभी तक प्रकाश सिंह बादल, रामविलास पासवान, मेनका गांधी, जनरल वी. के. सिंह, मुख्तार अब्बास नकवी, कैलाश विजयवर्गीय, थावरचंद गहलोत, शिवराज सिंह चौहान, संसद भवन पहुंच गए हैं. इसके अलावा गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपानी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह भी पहुंच गए हैं.
रामनाथ कोविंद का राष्ट्रपति बनना तय माना जा रहा है. एनडीए के साथ-साथ जेडीयू, टीआरएस, बीजेडी जैसे दलों ने उन्हें समर्थन का ऐलान किया है. ऐसे में रामनाथ कोविंद को 61 फीसदी से भी ज्यादा वोट मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अकेले एनडीए का वोट प्रतिशत ही 48.6 फीसदी है. नामांकन के मौके पर समर्थन देने वाले तमिलनाडु के सीएम पलनीसामी, तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू और ओडिशा के मंत्री सूर्य नारायण पात्रो भी मौजूद थे.
उधर, राष्ट्रपति चुनाव के लिए बीजेपी के दलित कार्ड के जवाब में कांग्रेस ने भी दलित कार्ड खेला है. एनडीए के राष्ट्रपति उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के मुक़ाबले विपक्ष ने पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार को मैदान में उतारा है. गुरुवार को कांग्रेस की अगुवाई में 17 विपक्षी की दलों की बैठक में आम सहमति से मीरा कुमार के नाम पर मुहर लग गई. मीरा कुमार की उम्मीदवारी के बाद अब जेडीयू पर निगाहें टिकी हैं कि क्या बिहारी अस्मिता का ख्याल कर नीतीश पाला तो नहीं बदलेंगे, हालांकि जेडीयू की ओर से साफ संकेत है कि वो रामनाथ कोविंद को ही समर्थन देगी.