पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को असम में देश के सबसे बड़े ढोला-सदिया पुल का उद्घाटन किया इस उदघाटन में मोदी के साथ केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी और असम के सीएम सर्वानंद सोनोवाल भी मौजूद थे। उद्घाटन करने के बाद मोदी ने खुद चहलकदमी करके पुल का जायजा लिया। उन्होंने गाड़ियों का काफिला रुकवाकर सुरक्षाकर्मियों को काफी पीछे छोड़ते हुए कुछ देरी तक अकेले ही पुल पर चहलकदमी की। बाद में उन्होंने पुल पर ही कुछ वक्त सोनोवाल और गडकरी के साथ बातचीत की। बता दें कि 9 किमी से ज्यादा लंबे तीन लेन वाले इस पुल के बन जाने से असम और अरुणाचल के बीच की दूरी 165 किमी कम हो जाएगी। इसके अलावा, आवाजाही में 5 घंटे का वक्त कम लगेगा।
असम दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी ‘महासेतु’ के उद्घाटन के अलावा एम्स अस्पताल सहित कई अन्य परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे. इसके अलावा पीएम यहां एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें वह अपनी सरकार की तीन साल की उपलब्धियों पर बोल सकते हैं.
क्यों अहम है पुल?
– पुल असम की राजधानी दिसपुर से 540 किमी और अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर से 300 किमी दूर है। चीन के बॉर्डर से पुल का एरियल डिस्टेंस महज 100 किमी है।
– यह पुल नॉर्थ-ईस्ट के दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को देश के अन्य हिस्सों से जुड़ने के लिए सड़क की सुविधा मुहैया कराएगा। अभी तक इन लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था।
– पुल पर 60 टन के लड़ाकू टैंक उतारे जा सकते हैं। चीन बॉर्डर पर फोर्सेस को पहुंचने में आसानी होगी।
– 2011 में पुल बनना शुरू हुआ था। इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप में बनाया गया है।
– इससे असम-अरुणाचल में टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के मौके पैदा होंगे।
इसके बाद प्रधानमंत्री गुवाहाटी में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडीकल साइंसेज (एम्स) का शिलान्यास करेंगे. यह गुवाहाटी से 28.5 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र में खोला जाएगा. इसके बाद प्रधानमंत्री अपनी यात्रा का समापन असम और मेघालय सीमा पर स्थित खानापारा में राजनैतिक रैली कर करेंगे.