प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को अमेरिका के वॉशिंगटन पहुंचे. पहले दिन पीएम मोदी ने वॉशिंगटन के होटल विलार्ड इंटरकंटीनेंटल में दिग्गज कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ गोलमेज बैठक की. पीएम मोदी भारतीय समुदाय के लोगों को संबोधित करने पहुंचे तो वॉशिंगटन में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में पीएम मोदी के पहुंचने से पहले भारत माता की जय के नारे लगे.
मोदी के मंच पर पहुंचे ही राष्ट्रगान बजाया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, अमेरिका में बसे हुए सभी मेरे परिवारजन हैं, परिवार के स्वजनों से मिलने का जो आनंद होता है वह आनंद में जब जब आपसे मिलता हूं अनुभव करता हूं, एक नई ऊर्जा लेकर जाता हूं, नया उमंग और उत्साह आप मेरे अंदर भर देते हैं. उन्होंने कहा, जब मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री नहीं था तब मैंने अमेरिका के करीब 30 प्रांतों का भ्रमण किया था और किसी न किसी प्रकार आप सभी से मिलने का मौका मिलता था.
उन्होंने कहा कि अगर हिंदुस्तान में अगर कुछ अच्छा होता है, तो अमेरिका में रह रहे भारतीय समुदाय के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ती है और यदि कुछ बुरा हुआ, तो दुखी हो जाते हैं. उन्होंने कहा कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपने सपनों को पूरा करूंगा. आज भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है. आप जैसे सामर्थ्य रखने वाले लोग भारत में हैं. भारत में लोगों को अनुकूल माहौल मिल रहा है.
उन्होंने कहा कि भारत में भ्रष्टाचार से लोगों को नफरत हो गई है. मेरी सरकार में आज तक भ्रष्टाचार का दाग नहीं लगा है. सरकार चलाने के तरीके में भी बदलाव आया है. तकनीक से शासन में पारदर्शिता लाने में कायमाबी मिल रही है.मोदी ने कहा कि सवा सौ देशवासियों ने एक बार के कहने पर सब्सिडी छोड़ दी, जिसको गरीबों को दी जा रही है. इससे गरीबों को फायदा हुआ है. उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों में तीन करोड़ सब्सिडी ऐसे लोगों को जाती थी, जिसका कोई अतापता ही नहीं था. उन्होंने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तो यूरिया के लिए लोग केंद्र को चिट्ठी लिखते थे, लेकिन अब पिछले दो साल से यूरिया को लेकर एक भी राज्य की ओर से चिट्ठी नहीं आई.
पीएम मोदी ने कहा, मैं आज सर झुकाकर बड़ी नम्रता से कहना चाहूंगा कि इस सरकार ने तीन साल का जो कार्यकाल बिताया है, अब तक इस सरकार पर एक भी दाग नहीं लगा है. सरकार चलाने के तरीके में भी इनबिल्ड व्यवस्थाओं को ऐसा विकसित करने का प्रयास हो रहा है ताकि ईमानदारी की सहज प्रक्रिया भी हो. टेक्नोलॉजी उसमें बहुत बड़ा रोल अदा कर रही है. इससे पारदर्शिता आती है.
प्रधानमंत्री ने कहा, गैस सब्सिडी की बात करें तो यह गरीब से गरीब और अमीर से अमीर को भी मिलती है. मैंने अपील की अमीर लोग सब्सिडी लेना छोड़ दें. तो देश की तरक्की के लिए करीब सवा करोड़ लोगों ने सब्सिडी छोड़ दी. हमने उस सब्सिडी का इस्तेमाल उन गरीब परिवारों के लिए गैस की व्यवस्था करने के लिए किया जो लकड़ी का चूल्हा जलाने को मजबूर थे.
इससे पहले कंपनियों केसाथ बैठक सवा घंटे से ज्यादा समय तक चली. इस दौरान मोदी के मेक इन इंडिया और ट्रंप के फर्स्ट अमेरिका नीतियों के बीच तालमेल बैठाने को लेकर अमेरिकी कंपनियों के सीईओ से बातचीत हुई.
वैसे भी मोदी के इस दौरे में कारोबार और जीएसटी मुद्दे पर निवेशकों से बातचीत शीर्ष एजेंडे में हैं. मोदी के साथ बैठक में एडोब के प्रेसिडेंट और सीईओ, चेयरमैन शांतनु नारायण, अमेजन के सीईओ जेफ बेजोस, अमेरिकन टावर कॉरपोरेशन के सीईओ जेम्स टेकलेट, एप्पल के सीईओ टीम कुक, कैटरपिलर के सीईओ जिम यूम्पलेबाई, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, मरियोट्ट इंटरनेशनल के प्रमुख अर्ने सोरेनसन, जोन्सन एंड जोन्सन के एलेक्स गोर्स्की, मास्टरकार्ड के अजय बग्गा, वारबर्ग पिंचुस के चार्ल्स काये और कार्लिले ग्रुप के डेविड रुबेनस्टेन समेत 21 कंपनियों के सीईओ मौजूद रहे.
अमेरिका की दिग्गज कंपनियों के मुख्यकार्यकारी अधिकारी पीएम मोदी से मुलाकात को लेकर बेहद उत्साहित दिखे. इस बैठक का मक्सद भारत में निवेश को प्रोत्साहित था. दरअसल, जीएसटी को लेकर विदेशी निवेशकों में तमाम आशंकाएं थी. ऐसे में यह बैठक यह बैठक काफी अहम मानी जा रही है. इससे निवेशकों को जीएसटी को समझने में भी मदद मिली.