पेट्रोल 1.12 रुपये प्रति लीटर तो डीजल 1.24 रुपये हुआ सस्‍ता

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नई दिल्‍ली: तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में गुरुवार को कटौती का ऐलान किया गया. पेट्रोल की कीमत में 1.12 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई, जबकि डीजल 1.24 रुपये प्रति लीटर सस्ता हुआ है. नई कीमतें 16 जून से प्रभावी होंगी. दरअसल, पेट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बदलने की व्यवस्था शुक्रबार १६ जून से लागू हो जाएगी.

सार्वजनिक पेट्रोलियम कंपनी इंडियन ऑयल ने कहा है कि कीमतों में आज की कटौती में राज्य शुल्क (वैट) शामिल नहीं है. स्थानीय बिक्री कर या वैट को शामिल करने पर वास्तविक कटौती अधिक होगी.

शुक्रवार से दिल्ली में पेट्रोल के दाम 65.48 रुपये प्रति लीटर होंगे जो इस समय 66.91 रुपये प्रति लीटर हैं. वहीं, डीजल के दाम 54.49 रुपये प्रति लीटर रहेंगे, जो इस समय 55.94 रुपये हैं.

आईओसी का कहना है कि 16 जून से देशभर में पेट्रोल व डीजल के दाम दैनिक आधार पर तय होंगे. हर दिन के लिए इनके नए दाम रहेंगे, जोकि सुबह छह बजे से लेकर अगली सुबह छह बजे तक यानी 24 घंटे लागू रहेंगे.

वर्तमान में, सरकारी तेल विपणन कंपनियां (ओएमसी) वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों के आधार पर खुदरा ईंधन के मूल्य की हर पखवाड़े समीक्षा करती हैं और उसे संशोधित करती हैं. इसके बाद मध्यरात्रि से संशोधन प्रभावी होता है. उल्‍लेखनीय है कि देश की तीन बड़ी पब्लिक सेक्टर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों- इंडियन ऑयल, हिन्दुस्तान पेट्रोलियम और भारत पेट्रोलियम ने बीते आठ जून को पेट्रोल-डीजल की कीमतें दैनिक आधार पर तय करने का ऐलान किया था. कंपनियों ने कहा कि देशभर में 58,000 पेट्रोल पंपों पर 16 जून से पेट्रोल व डीजल के दाम दैनिक आधार पर तय होंगे.

इसके अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल कीमतों में घट-बढ़ तथा विदेशी विनियम दर में उतार-चढ़ाव के आधार पर पेट्रोल व डीजल के दाम में 16 जून से दैनिक आधार पर कुछ पैसे का बदलाव होगा.

उदयपुर, जमशेदपुर, पुडूचेरी, चंडीगढ़ और विशाखापट्टनम में 1 मई से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पेट्रोल और डीजल की रीटेल कीमतों में हर रोज़ बदलाव किया जा रहा था. पायलट प्रोजेक्ट में मिली सफलता के बाद पब्लिक सेक्टर ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 16 जून, 2017 से इस नई व्यवस्था को पूरे देश में लागू करने का फैसला किया. हर रोज़ पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में बदलाव से इनकी रिटेल कीमतें मार्केट की स्थिति के हिसाब से तय की जा सकेंगी. इससे व्यवस्था में पारदर्शिता भी बहाल होगी. कई विकसित देशों में ये व्यवस्था पहले से ही लागू है.

(इनपुट एजेंसी से भी)

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