वन नेशन वन टैक्स (GST) भारत में हुआ लागू, जानें क्या-क्या हुआ सस्ता

0
1379
-- Advertisements --

आज से वन नेशन वन टैक्स (GST) लागू हो गया है. इस तरह केंद्र सरकार ने 17 केंद्र और राज्य स्तरीय टैक्स के साथ 23 अलग-अलग तरह के सेस को खत्म कर एक टैक्स व्यवस्था को शुरू कर दी है. इस नई व्‍यवस्‍था से बहुप्रतीक्षित वस्तु और सेवा कर के लागू होने के बाद नमक, तेल, साबुन जैसी दैनिक उपभोग की जरूरी वस्तुओं के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है.

आवश्यक उपभोग की वस्तुओं को या तो जीएसटी से छूट दी गई है या फिर उन पर कर की दर को मौजूदा स्तर पर ही रखा गया है. सब्जियों, दूध, अंडा और आटा जैसे बिना ब्रांड वाली खाद्य वस्तुओं को जीएसटी से छूट दी गई है. इसके साथ ही स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं पर भी जीएसटी नहीं लगेगा.

चायपत्ती, खाद्य तेल, चीनी, कपड़ा और बच्चों के पौष्टिक आहार को पांच फीसदी जीएसटी की श्रेणी में रखा गया है. ये वस्तुएं आवश्यक और दैनिक उपभोग की वस्तुओं में 80 फीसदी हिस्सा रखती हैं.

लक्जरी वस्तुओं में मोटर साइकिल, इत्र और शैंपू जो कि कुल कर योग्य माल में 19 फीसदी हिस्सा रखते हैं, उन पर 18 फीसदी अथवा इससे ऊंची दर पर कर लगेगा.

राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने कहा कि कर विभाग लोगों को जीएसटी की बराबर जानकारी दे रहा है. इससे कारोबार में पारदर्शिता आएगी और कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी तथा ईमानदार करदाताओं को इससे लाभ होगा.

अब तक 10 लाख रुपए तक का कारोबार करने वाले व्यापारी वैट का भुगतान कर रहे थे लेकिन उन्हें उत्पाद शुल्क से छूट दी गई थी. लेकिन अब 20 लाख रुपए तक का सालाना कारोबार करने वाले कारोबारियों को जीएसटी से छूट दी गई है.

इसके साथ ही 20 लाख से लेकर 75 लाख रुपए तक का कारोबार करने वालों को एकमुश्त जीएसटी भुगतान की सरल सुविधा दी गई है.

अधिया ने कहा, ‘जहां तक लघु उद्योगों और कारोबारियों की बात है, उनके लिए हमने कंपोजीशन योजना जारी की है, ये काफी सरल है.’

केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड, सीबीईसी ने एक विज्ञापन में कहा है कि एकल जीएसटी से दाम कम होंगे. जीएसटी आम परिवारों के लिए वरदान साबित होगा. इसमें 81 फीसदी वस्तुओं पर दरें या तो कम होंगी या फिर 18 फीसदी के दायरे में होंगी.

मक्खन, घी, काजू, फल के जूस, मोबाइल और छाता को 12 फीसदी कर की दर में रखा गया है जबकि बालों में लगाए जाने वाले तेल, दंतमंजन, साबुन, आइसक्रीम और प्रिंटर पर 18 फीसदी जीएसटी लगेगा.

जीएसटी की सबसे ऊंची 28 फीसदी की दर कारों, वातित पेयों, एसी, रेफ्रीजिरेटर तथा अन्य पूंजीगत सामान और सभी तरह के औद्योगिक इंटरमीडिएटरी के अलावा चॉकलेट, च्युंगम पर लगाई जाएगी.

जीएसटी की नई कर व्यवस्था 1 जुलाई से लागू हो गई है. इसके लागू होने से केन्द्र और राज्यों के स्तर पर लगने वाले एक दर्जन से अधिक कर इसमें समाहित हो जाएंगे.

जीएसटी के तहत कारोबारियों को आनलाइन रिटर्न भरनी होगी. इसके लिए पूरा नेटवर्क ढांचा जीएसटी नेटवर्क यानी जीएसटीएन द्वारा उपलब्ध कराया जाएगा.
अशोक माहेश्वरी एंड एसोसिएट्स एलएलपी के डायरेक्टर – टैक्स एंड रेग्यूलेटरी संदीप सहगल के मुताबिक, “बहरहाल, आगे चलकर जीएसटी के तहत मिलने वाले टैक्स क्रेडिट, जो अब तक नहीं मिलता था, की वजह से लागत घटेगी, सेवाओं की कीमतों में कमी आएगी, जिससे ग्राहकों तथा उपभोक्ताओं को फायदा होगा…”

विशेषज्ञों का कहना है कि जीएसटी के लागू हो जाने के बाद दुकानों में बिकने वाली बहुत-सी सामान्य वस्तुओं की कीमतें अपरिवर्तित रहने की संभावना है. संदीप सहगल का मानना है कि हो सकता है कि उत्पादक या निर्माता खुद पर और थोक विक्रेताओं व डिस्ट्रीब्यूटरों पर जीएसटी का प्रभाव आंकने के लिए कुछ हफ्ते तक इंतज़ार करें, और फिर ज़रूरत के हिसाब से कीमतें बढ़ाएं…

जीएसटी के लागू हो जाने के बाद 500 रुपये से कम कीमत वाले जूते-चप्पलों, तैयार पोशाकों जैसी कई वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी, जबकि टीवी तथा छोटी कारें महंगी होने जा रही हैं…

पेट्रोल, डीज़ल तथा एविएशन टर्बाइन फ्यूल जैसे पेट्रोलियम पदार्थों को फिलहाल जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. जीएसटी काउंसिल इस मुद्दे पर बाद में फैसला करेगी, फिलहाल शराब को भी जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है…

-- Advertisements --