31 दिसंबर तक बैंक खातों को आधार से कराना होगा लिंक : सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने आधार मामले पर सुनवाई करते हुए कहा है कि,  खातों को 31 दिसंबर से पहले आधार कार्ड से जोड़ा जाए , लिंक करने की आखिरी तारीख 6 फरवरी है. SC ने कहा है कि कि सभी कंपनियों और बैंकों को अपने ग्राहकों को आखिरी तारीख बताना होगा . जिससे ग्राहकों को कोई दिक्कत ना हो ! दरअसल कोर्ट की संवैधानिक बेंच आधार से जुड़ी ऐसी कई याचिकाओं पर सुनवाई की, जिसमें इसकी अनिवार्यता को ‘निजता के अधिकार’ का हनन बताया गया है.

मिली थीं कई चुनौती…

आधार की वैधता को चुनौती देने वाले कई याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि यह निजता के अधिकार का उल्लंघन करता है। केंद्र सरकार ने 25 अक्तूबर को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य रूप से उनसे जोड़ने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 मार्च 2018 कर दी गई है। यह उनके लिए किया गया है जिनके पास 12 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या नहीं है लेकिन वे इसे प्राप्त करना चाहते हैं।

कुछ याचिकाकर्ताओं ने भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) की संख्या को बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से जोड़ने को शीर्ष अदालत में ‘गैर कानूनी और असंवैधानिक’ बताया है। उन्होंने सीबीएसई द्वारा परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों के लिए आधार कार्ड अनिवार्य बनाने के कथित कदम पर भी आपत्ति जताई। हालांकि केंद्र ने इस बात से इनकार किया है।

याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करने वाले एक अधिवक्ता ने पहले कहा था कि आधार से संबंधित मुख्य मामला जो शीर्ष अदालत में लंबित है उसमें अंतिम सुनवाई आवश्यक है क्योंकि सरकार नागरिकों को अपने आधार को बैंक खातों या मोबाइल नंबरों से जोड़ने के लिए बाध्य नहीं कर सकती है।

सरकार की राय आधार के पक्ष में…

केंद्र ने गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर कहा है कि अभी मोबाइल फोन धारकों को 6 फरवरी तक अपना फोन आधार के साथ लिंक करवाना जरूरी है. सरकार की कोशिश इस दिशा में सुप्रीम कोर्ट से आदेश पारित करवाने की है. अपने ताजा शपथ-पत्र में केंद्र सरकार ने कहा था कि मौजूद बैंक खातें 31 मार्च तक आधार न जमा करवाने तक काम करते रहेंगे लेकिन नए खाते खुलवाने के लिए पहचान के तौर पर आधार या पंजीकरण संख्या देना अनिवार्य होगा. वहीं साइबर सुरक्षा के बारे में केंद्र सरकार ने कहा है कि हाल के दिनों में कई देशों को साइबर हमलों का शिकार होना पड़ा है लेकिन आधार और इसके किसी भी सर्वर पर हैकिंग या डेटा लीक होने की कोई भी घटना सामने नहीं आई है.

क्या है आधार नीति …

केंद्र सरकार ने कई सरकारी योजनाओं के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है. आम आदमी के लिए आधार को अनिवार्य कर दिया गया है कि ताकि आधार कार्ड को अपने बैंक अकाउंट और मोबाइल नंबर से भी लिंक कर दें. ‘आधार’ की अनिवार्यता के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पांच जजों की संवैधानिक बेंच गठित करने का फैसला किया है.

कब-कब क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?

  • 7 जुलाई को बेंच ने कहा था कि आधार से जुड़े सभी मामलों की अंतिम रूप से सुनवाई एक बड़ी बेंच को करनी चाहिए।
  • 12 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि 5 जजों की बेंच आधार और प्राइवेसी से जुड़े मामले की सुनवाई करेगी।
  • 18 जुलाई को 5 जजों की बेंच ने कहा कि 9 जजों की बेंच राइट टू प्राइवेसी पर फैसला करेगी।
  • 24 अगस्त को 9 जजों की बेंच ने राइट टू प्राइवेसी को फंडामेंटल राइट करार दिया। साथ ही कहा कि इसकी सुरक्षा ‘जीवन का अधिकार’ (आर्टिकल 21) की तरह करना चाहिए।
  • 30 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि केंद्र ने आधार को लिंक कराने की डेडलाइन 31 दिसंबर तक बढ़ा दी है, ऐसे में अब इस मामले की सुनवाई नवंबर के पहले हफ्ते में की जाएगी। बाद में 25 अक्टूबर को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि अाधार लिंक कराने की तारीख 31 मार्च तक बढ़ा दी गई है।
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