चारा घोटाले केस में पेश हुए लालू, बेनामी संपत्ति केस में मीसा पर लगा जुर्माना

0
1415
-- Advertisements --

राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्ति मामले में आयकर विभाग के समन पर हाजिर नहीं हुईं। मीसा ने व्यस्तता की बात कहते हुए पेश होने के लिए समय मांगा। आयकर विभाग ने मीसा भारती पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए 12 जून को पेश होने को कहा है।

गौरतलब है कि बेनामी संपत्ति मामले में आयकर विभाग ने मीसा भारती और उनके पति शैलेश को समन जारी किया था। दोनों को मंगलवार को आयकर विभाग में पेश होना था, लेकिन मीसा भारती ने अपनी व्यस्तता का हवाला देते हुए पेश होने के लिए समय मांगा। आयकर विभाग ने अब मीसा को 12 जून की तारीख दी है। हालांकि मीसा के पति शैलेश को विभाग ने यह छूट नहीं दी है। उन्हें बुधवार को ही आयकर विभाग के ऑफिस में पेश होना होगा।

एक निजी समाचार चैनल के खुलासे के मुताबिक दिल्ली में लालू के परिवार के कुछ लोगों ने मुखौटा कंपनियों के जरिये करोड़ों की जमीन बहुत ही कम दाम में खरीदी है। इसके मुताबिक संदेहास्पद कंपनियों के शेयर खरीदने और बेचने की आड़ में की गई इस खरीदारी के आरोपों के घेरे में लालू की सबसे बड़ी बेटी और राज्यसभा सांसद मीसा भारती और दामाद शैलेश कुमार हैं। राजधानी दिल्ली में जहाँ इनके द्वारा एक करोड़ 41 लाख रुपये में खरीदी कई संपत्तियों की कीमत 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

इससे पहले ED ने रिमांड पर लेकर मीसा भारती के चार्टर्ड अकाउंटेंट राजेश अग्रवाल को उनसे पूछताछ करने के बाद मीसा और शैलेश को नोटिस भेजा। दरअसल राजेश अग्रवाल की गिरफ्तारी आठ हजार करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई है। राजेश पर मीसा को धन मुहैया कराने और मीसा की कंपनी मिशेल पैकर्स ऐंड प्रिंटर्स को एंट्री दिलाने का आरोप है। इस मामले में कई बड़े लोगों को कमिशन लेकर शेल कंपनियों के जरिए एंट्री दिलाई गई थी।

चारा घोटाला केस में पेश हुए लालू

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव मंगलवार सुबह पटना की सीबीआई कोर्ट में पेश हुए. लालू यहां भागलपुर कोषागार से 47 लाख का चारा घोटाला मामले में पेश हुए थे. उनके साथ अन्य आरोपियों की भी पेशी हुई थी. लालू पर इस मामले में 47 लाख रुपये की फर्जी निकासी का आरोप है.

मामले में सीबीआई ने अब तक 34 गवाहों को पेश किया है. सीबीआई ने यह मामला 1996 में दर्ज किया था.अभी भी सीबीआई को गवाह पेश करना है. मामले में 44 लोगों पर चार्जशीट दायर है, जिसमें से 15 मृत आरोपी और 29 लोगों पर चल रहा ट्रायल चल रहा है.

बता दें कि चारा घोटाला 1990 के बीच में बिहार के पशुपालन विभाग से जुड़ा हुआ मामला है. चारा घोटाले में मिली जेल की सजा को लालू यादव ने चुनौती दी है. जिस समय चारा घोटाला हुआ इस दौरान लालू बिहार के मुख्यमंत्री थे. दूसरी ओर चारा घोटाला के एक मामले में झारखंड हाईकोर्ट के लालू प्रसाद के खिलाफ एफआईआर को खारिज करने को चुनौती देते हुए सीबीआई ने शीर्ष कोर्ट में याचिका दायर की थी.

सीबीआई ने अपनी हालिया अपील में हाईकोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव के खिलाफ ट्रायल कोर्ट में केवल दो धाराओं के तहत सुनवाई को मंजूरी दी गई थी, जबकि अन्य आरोपों को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि एक अपराध के लिए किसी व्यक्ति का दो बार ट्रायल नहीं हो सकता.

गौरतलब है कि झारखंड हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि भारतीय दंड संहिता की धारा-201 और धारा-511 के तहत लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मामले की सुनवाई चलती रहेगी.

-- Advertisements --