कूटनीतिक और सामरिक मोर्चे पर पाकिस्तान के साथ जारी तनाव के बीच भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयरचीफ मार्शल बीएस धनोआ ने अपने सभी 12,000 अधिकारियों को पत्र लिखकर उनसे बेहद शॉर्ट नोटिस पर किसी भी अभियान के लिए तैयार रहने को कहा है. अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक, वायुसेना प्रमुख ने इस पत्र में वायु सेना के पास संसाधनों की कमी की तरफ भी इशारा किया है.
इस पर वायुसेना अध्यक्ष धन्वा के हस्ताक्षर भी है। लेटर में भाई-भतीजावाद से लेकर यौन उत्पीड़न समेत विभिन्न मुद्दों का जिक्र है। ऐसा पहली बार है, जब किसी वायुसेना प्रमुख ने सभी कर्मियों को लेटर लिखा है। इससे पहले, दो सेना प्रमुखों फील्ड मार्शल (तत्कालीन जनरल) केएम करियप्पा ने 1 मई 1950 और जनरल के सुंदरजी ने 1 फरवरी 1986 को इस तरह के खत लिखे थे।
वायुसेना प्रमुख धनोआ ने अपने पत्र में अफसरों से कहा, ‘मौजूदा हालात में, हमेशा से जारी खतरे की आशंका बढ़ गई है. इसलिए हमें मौजूदा संसाधनों के साथ ही बेहद शॉर्ट नोटिस पर बड़े अभियान के लिए तैयार रहने की ज़रूरत है.’ इसके साथ ही इसमें उन्होंने लिखा है, ‘हमारा ट्रेनिंग प्रोग्राम इसे ही ध्यान में रखकर चलाया जाना चाहिए.’
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लेटर में संकेतों में ही इशारा किया गया है कि सीमित संसाधनों के मद्देनजर तैयारी चाक चौबंद रखी जाए। बता दें कि वायुसेना के पास पर्याप्त संख्या में फाइटर जेट्स नहीं हैं। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, वायुसेना को फाइटर एयरक्राफ्ट के 42 स्क्वॉड्रन की आवश्यकता है, लेकिन इनकी संख्या घटकर अब 33 रह गई है। मिग सीरीज के विमानों के पुराने पड़ने और उन्हें रिटायर करने की रफ्तार को देखते हुए यह कहा जा सकता है कि फ्रांस के साथ राफेल प्लेन्स की डील और स्वदेशी तेजस को शामिल करने के फैसले से भी इस कमी को भरना मुश्किल होगा।
वायुसेना प्रमुख धनोआ ने इसके साथ ही ‘पिछले कुछ मौकों पर वायुसेना द्वारा प्रदर्शित ग़ैर-पेशेवर रुख़’ की तरफ भी ध्याना दिलाया है और कहा कि ऐसे चीज़ों ने वायुसेना की छवि पर दाग लगाया है. धनोआ ने कहा, ‘कुछ बड़ी जिम्मेदारियों और पद्दोन्नती के लिए अधिकारियों के चयन में हमें ‘पक्षपात’ की कुछ शिकायतें देखने को मिली हैं. यह कुछ ऐसी चीज़ें हैं, जिसे हम सहन नहीं कर सकते.’ उन्होंने आगे लिखा, ‘वरिष्ठ अधिकारियों के निंदनीय व्यवहार, शारीरिक प्रताड़ना और यौन शोषण जैसे कृत्यों को भी स्वीकार नहीं किया जा सकता.’
अखबार के मुताबिक, उसने वायुसेना के प्रवक्ता से जब इस पत्र के सिलसिले में प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की, तो उन्होंने इसे ‘आंतरिक मामला’ बताते हुए कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.