महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार है. मध्यावधि चुनाव हुआ तो हमें अकेले बहुमत मिल जाएगा. कोई हमें सरकार को अस्थिर करने की धमकी न दे. दरअसल, यह शिवसेना नेता संजय राउत के बयान पर मुख्यमंत्री फडणवीस का पलटवार था. राउत ने कहा था कि जुलाई बाद सरकार मुसीबत में होगी.
उधर, मध्यावधि चुनाव के लिए तैयार होने की चुनौती से शिवसेना सकपका गई है. संजय राउत ने मुख्यमंत्री के बयान को खारिज़ किया है. राउत ने कहा कि, पीटीआई की ख़बर को वे तवज्जो नहीं देते. यह कोई आधिकारिक बयान नहीं. जब मुख्यमंत्री फड़णवीस खुद सामने आकर बोलेंगे तब पार्टी उस पर प्रतिक्रिया देगी. दरअसल, यह बात छिपी नहीं है कि मध्यावधि चुनाव की सुगबुगाहट से शिवसेना के विधायकों में सबसे ज्यादा डर व्याप्त है.
इस बीच खबर यह भी है कि राष्ट्रपति उम्मीदवार के नाम पर सहमति बनाने के लिए बीजेपी अपनी सहयोगी शिवसेना को मनाने में जुट गई है. इस सिलसिले में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह 18 जून को शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से मिलने उनके घर मातोश्री जाएंगे. इससे पहले शिवसेना ने संघ प्रमुख मोहन भागवत और एनसीपी प्रमुख शरद पवार को राष्ट्रपति बनाए जाने की वकालत की थी. संजय राउत ने एक मराठी टीवी चैनल से कहा था कि अगर किसानों को कर्ज माफ नहीं किया गया तो वे अपना समर्थन वापस ले लेंगे.