केजरीवाल के वकील की फीस के मामले में LG ने सॉलिसिटर जनरल से राय माँगा

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नई दिल्ली. दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने सॉलिसिटर जनरल से राय माँगा है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ दायर मानहानि केस में वकील की फीस का भुगतान सरकारी पैसे से हो सकता है या नहीं? केजरीवाल पर यह केस देश के मौजूदा वित्त मंत्री अरुण जेटली ने किया है।
– न्यूज एजेंसी ने सरकारी सूत्रों के हवाले से खबर दी है कि जेठमलानी की फीस का करीब तीन करोड़ रुपए बकाया है।
– इस पर डिपार्टमेंट ऑफ़ लॉ का मानना है कि जब केस सरकार से जुड़ा नहीं है तो फीस का पेमेंट सरकारी खर्च से क्यों होना चाहिए।
– सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के गवर्नर अनिल बैजल ने सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार को लेटर लिखकर राय माँगी है कि सरकार को यह पेमेंट करना चाहिए या नहीं।
बिलों पर एलजी के साइन जरूरी
– बताते चलें कि दिल्ली सरकार के कानून विभाग ने डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया के एक नोट के जवाब में कहा था कि इन बिलों के भुगतान के लिए गवर्नर के हस्ताक्षर जरूरी हैं।
– सूत्रों का यह भी कहना है कि सिसोदिया ने दिसंबर में वकील राम जेठमलानी की फीस भरने के लिए कुछ एडवांस पैसे देने को भी कहा था।
– बता दें कि वित्त मंत्री अरुण जेटली की तरफ से केजरीवाल के खिलाफ दर्ज कराए गए मानहानि के केस में जेठमलानी दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के वकील हैं।
क्यों किया है जेटली ने केस?
– पिछले साल आम आदमी पार्टी के नेताओं ने अरुण जेटली पर DDCA में घोटाला करने का आरोप लगाया था।
– जेटली 13 साल तक डीडीसीए के प्रेसिडेंट रहे थे, 2013 में पद छोड़ दिया था।
– आरोपों पर अरुण जेटली ने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के 5 नेताओं के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में क्रिमिनल केस और हाईकोर्ट में मानहानि का सिविल केस दायर किया है।

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