नई दिल्ली. एअर इंडिया के कर्मचारी से बदसुलूकी के आरोपी शिवसेना के लोकसभा सांसद रवींद्र गायकवाड़ 2 हफ्ते बाद गुरुवार को संसद पहुंचे। उन्होंने सदन में अपनी स्पीच में कहा कि विनम्रता ही मेरा आचरण है। लेकिन उन्होंने एयर इंडिया के अफसर को चप्पल मारने वाली घटना का जिक्र नहीं किया। उन्होंने कहा कि मैं सदन से माफी मांगता हूं, लेकिन गायकवाड़ ने कहा – माफी नहीं मागूंगा।
– गायकवाड़ ने क्या कहा ? उसके कुछ अंश (Source : LSTV ) “ आदरणीय स्पीकरजी मैं आपको धन्यवाद देता हूं कि मेरे साथ जो अन्याय हो रहा है। उस पर मुझे सदन में बोलने की अनुमति दी। लोकतंत्र के इस सदन में खड़ा हूं, इसलिए नहीं कि मैं निर्दोष हूं या नहीं।“
-“ लाखों लोगों ने चुनकर भेजे जनप्रतिनिधि से एयरलाइन के कर्मचारियों ने कैसा खराब व्यवहार किया और सारे संसद को गुनगाहर ठहराने की कोशिश कैसे हो रही है यह बताने के लिए मैं खड़ा हूं।“
-“ अपेक्षा यह है कि सत्य की विजय इस संसद में तो हो साथ ही यह संसद जो गुस्सा दिखा रही है उसे उसे न्याय मिलना चाहिए। यह मेरी अपील है।”
– “ मैंने क्या गुनाह किया है? मेरा क्या अपराध है? उसकी जांच किए बिना मीडिया ट्रायल जारी है। 23 मार्च 2017 को मैं पुणे से दिल्ली आ रहा था। मेरा बिजनेस क्लास टिकट था। लेकिन मुझे इकोनॉमी क्लास में बैठाया गया। लेकिन मेरा ये झगड़ा नहीं था। मेरा वन एफ टिकट था। एक सीनियर सिटीजन को टिकट दिया। मैंने एयर इंडिया के स्टाफ के साथ झगड़ा किया। यह गलत बात है।”
– “ एअर इंडिया की एयरहोस्टेस ने घटना के दो दिन बाद बयान दिया कि मामला अफसर के गलत बर्ताब की वजह से बढ़ा था। ट्रैवल बैन लगाने से मेरे संवैधानिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
– “ मेरी सरकार से गुजारिश है कि मेरे खिलाफ दर्ज दिल्ली पुलिस की एफआईआर को वापस लिया जाए। मैं बाला साहेब का शिवसैनिक हूं। मीडिया मुझे एक हफ्ते तक खोज नहीं पाई।”
– “मैं आपसे मांग करता हूं कि एअर इंडिया और बाकी एयरलाइन्स के खिलाफ जांच के बाद कार्रवाई की जाए।”
चार्टर्ड प्लेन से पहुंचे दिल्ली
– शिवसेना का कहना है कि एयरलाइंस का सांसद पर बैन लगाना संविधान और कानून के खिलाफ है। गायकवाड़ ने भी इस मामले में माफी मांगने से इनकार कर दिया है। वे बुधवार को चार्टर्ड प्लेन से दिल्ली पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक, नो फ्लाई लिस्ट में डाले जाने के बाद भी वह प्लेन से सफर करने पर अड़े थे। पिछले दिनों उन्होंने एअर इंडिया में 5, इंडिगो और स्पाइस जेट में एक-एक बार टिकट बुक करने की कोशिश की, लेकिन हर बार कैंसल कर दी गई। उन्होंने डॉक्टर और प्रोफेसर के नाम टिकट बुक कराना चाहा, लेकिन तब भी नहीं मिली। इसके बाद सांसद ने चार्टर प्लेन से जाने का फैसला किया। हालांकि, ये पता नहीं चला है कि प्लेन किसका था। इस विवाद के बाद गायकवाड़ को कार और ट्रेन से भी सफर करना पड़ा।
क्या है मामला?
– गायकवाड़ पर 23 मार्च को एअर इंडिया के स्टाफर को 25 बार सैंडिल मारने का आरोप है। खुद उन्होंने मीडिया के सामने इसे कबूल भी किया था। माफी मांगने के सवाल पर उन्होंने कहा था, “मैं माफी नहीं मांगूगा, गलती मेरी नहीं उनकी है। माफी उन्हें मांगनी चाहिए।”
क्या कहते हैं नियम?
– एयर एक्ट 1972 के चैप्टर-4 के तहत एयरलाइन्स किसी को भी टिकट देने से मना कर सकती है। एयरक्राफ्ट रुल्स 1937 का नियम-22 और 23 रोक को सही ठहराता है।
नो-फ्लाई लिस्ट क्या होती है ?
– दुनिया के कई देशों में यह सिस्टम है जिसमें बदसलूकी या हिंसा करने वाले एयर पैसेंजर्स को इस लिस्ट में डाल दिया जाता है। इस लिस्ट में आने के ये मायने हैं कि आप दोबारा उस एयरलाइन से ट्रैवल नहीं कर सकते। यह बैन आप पर हमेशा के लिए या कुछ साल या महीनों के लिए हो सकता है। अमेरिका में अगर कोई नो-फ्लाई लिस्ट में है तो उसके बारे में एयरलाइन्स को अपने आप अलर्ट कर दिया जाता है।
– रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में भी उड्डयन मंत्रालय पिछले कुछ समय से इस पर विचार कर रही है। यहां भी बदसलूकी करने वाले पैसेंजर्स पर कुछ महीनों या कुछ साल के लिए एयरलाइन में ट्रैवल करने पर बैन लगाया जा सकता है।
हो सकती है 7 साल तक की सजा
– शिवसेना सांसद के खिलाफ आईपीसी 308 और 355 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
– बताते चले कि आईपीसी 308 (गैर-इरादतन हत्या की कोशिश है, यानी किसी शख्स पर हमला करने से उसकी जान को खतरा हो जाए, लेकिन उसका इरादा जान लेने का ना हो) इसमें 3 से 7 साल तक की सजा हो सकती है। जबकि आईपीसी 355 (बदसलूकी और बलपूर्वक हमला करना) में 2 साल की सजा हो सकती है।