अन्ना के भ्रष्टाचार आंदोलन से निकली आम आदमी पार्टी आज खुद ही संदिग्ध भ्रष्टाचार में फंसती नजर आ रही है इससे पहले भ्रष्टाचार को लेकर देश के ताकतवर लोगों पर आरोपों की झड़ी लगाकर भारतीय राजनीति में खुद को आने से पहले देश के लोगों को अपनी दमदार मौजूदगी का अहसास कराया था . लेकिन कहते हैं न की समय बदलते देर नहीं लगती , वही बात आजकल आम आदमी पार्टी के साथ भी दिख रही है क्योंकि समय का पहिया उलटा घूमने लगा है. मीडिया को आम आदमी पार्टी सरकार में हो रहे घपले एवं घोटाले के संकेत मिलते नजर आ रहे हैं. जबकि दिल्ली में जो सरकार चल रही है उसका कमान ऐसे शख्स के हाथ में है जिसे कभी भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का चेहरा माना जाता था.
तहकीकात करने के बाद जो सबूत दिखते हैं वो इस ओर इशारा कर रहा है कि किस तरह केजरीवाल के करीबी रिश्तेदारों ने पीडब्लूडी डिपार्टमेंट की ओर से जारी किए गए एक नाले वाले प्रोजेक्ट के लिए फर्जी बिल जमा किए गए. गौर करने की बात तो ये है कि पीडब्लूडी डिपार्टमेंट अब दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन के तहत आता है.और कपिल मिश्रा भी कई बार सत्येंद्र जैन के ऊपर आरोप लगा चुके हैं
अभी हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल के दिवंगत साढ़ू सुरेंद्र कुमार बंसल रेणु कंस्ट्रक्शन के नाम से कंपनी चलाते थे . मीडिया को जो दस्तावेज मिले है उससे पता चलता है कि रेणु कंस्ट्रक्शन नाम की कंपनी को 2015 में नार्थ वेस्ट दिल्ली में NH44 के पास बकली गांव में एक नाले के प्रोजेक्ट का जिम्मा मिला था. तथा दिल्ली सरकार के रिकॉर्ड्स के अनुसार रेणु कंस्ट्रक्शन ने सबसे कम बोली लगाई थी जिसके वजह से प्रोजेक्ट का ठेका दिया गया था .
केजरीवाल का असली चेहरा लोगो के सामने आया : मनोज तिवारी
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी मृदुल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल का असली चेहरा गया है , दिल्ली सरकार द्वारा केजरीवाल के साढ़ू को फर्जी बिल का भुगतान किया गया है. उन्होंने कहा की अब समझ में आ रहा है कि सत्येंद्र जैन से अरविंद केजरीवाल 2 करोड़ क्यों ले रहे थे. इस मुद्दे की जांच होने चाहिए, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर केजरीवाल की जिम्मेदारी है. दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जनता के पैसों को लूटा जा रहा है.
रेणु कंस्ट्रक्शन जो कि महादेव इंपेक्स से नाले के लिए निर्माण सामग्री का उठाव करती थी . जिसका दस्ताबेज के पते के मुताबिक़ – बी-22 औद्योगिक क्षेत्र पर कोई नामोंनिशान तक नहीं है .
ये दस्ताबेज रोड एंटी करप्शन ऑर्गनाइजेशन (RACO) नामके NGO ने आरटीआई याचिका के माध्यम से हासिल किए. दस्तावेज के मुताबिक महादेव इंपेक्स की और से दो करोड़ रुपए जितनी मोटी रकम तक के बिल दिए गए जिसका कोई अस्तित्व ही नहीं है , और इस गैर अस्तित्व वाले कंपनी के बिल जिसे दिल्ली के पीडब्लूडी डिपार्टमेंट ने हरी झंडी दे दी जबकि प्रोजेक्ट अभी पूरा ही नहीं हुआ है .
विप्लव अवस्थी जो की याचिकाकर्ता हैं उनके मुताबिक मुख्यमंत्री पर अपने साढ़ू बंसल को लाभ पहुंचाने के लिए नियमों का उल्लंघन करने का शक है.
अवस्थी का कहना है, ‘हमने पीडब्लूडी के कामकाज की समुचित जांच की मांग की है. मुख्यमंत्री इसके दायरे से बाहर नहीं होने चाहिए. उन्हें भी अपने रिश्तेदार से जुड़े जालसाजी के केस की जांच का विषय माना जाना चाहिए.
PWD मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा, ‘ये ठेका बंसल की कंपनी रेनू कंस्ट्रक्शन को हमारी सरकार आने से पहले प्रतिस्पर्धात्मक बोली के बाद जनवरी 2015 में दिया गया था. जबकि हम सत्ता में फरवरी 2015 में आए थे .’
सत्येंद्र जैन ने कहा कि मंत्री हर कंपनी के भुगतान में शामिल नहीं होता है. दिल्ली में ऐसी हजारों कंपनियां काम कर रही हैं. जब जैन से उन फर्जी बिलों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ये सवाल उनसे नहीं पीडब्लूडी सचिव से पूछा जाना चाहिए.
सत्येंद्र जैन ने दावा किया कि बंसल के कुछ ठेके को हमारे द्वारा निरस्त भी किया गया .