अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को दिल्ली चुनाव आयुक्त से मिलकर साल 2006 से पहले की इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को एमसीडी चुनाव में इस्तेमाल नहीं करने की अर्जी दी है. उन्होंने चुनाव आयोग से कहा है की या तो दिल्ली नगर निगम चुनाव में सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन के साथ वीवीपैट मशीनों का इस्तेमाल किया जाए या फिर बैलेट पेपर का इस्तेमाल करके चुनाव कराया जाय इसके लिए चुनाव की तारिख बदलने की संभावनाओं की सूरत में चुनाव की तारीख भी बदला जाए .
अरविंद केजरीवाल से पहले आप के नेता नेता आशीष खेतान, दिलीप पांडे, राघव चढ्डा संजय सिंह,आशुतोष और सोमनाथ भारती समेत कई और विधायक मुख्य चुनाव अधिकारी से मिलने पहुंचे थे . आप पार्टी ने चुनाव आयोग से MCD चुनाव के लिए राजस्थान से मंगाए जाने वाली ईवीएम मशीनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की. इससे पहले पार्टी ने दिल्ली में MCD चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाने की मांग की थी, लेकिन समय की कमी को देखते हुए अरविंद केजरीवाल ने अब बैलट पेपर की जगह MCD चुनाव वीवीपैट वाली नई इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों से कराने की मांग की है.
आप के नेताओं की मुलाकात के बाद अरविंद केजरीवाल खुद दिल्ली चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे जहां उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात कर चुनाव को कुछ दिन के लिए टालने की मांग कि जब तक कि राज्य चुनाव आयोग नई ईवीएम मशीनों का बंदोबस्त नहीं कर ले. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ‘साल 2013 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वीवीपैट के साथ ईवीएम के माध्यम से चुनाव कराना ज्यादा विश्वसनीय है, इसके अलावा हाल ही में यूपी चुनाव आयोग ने केंद्रीय चुनाव आयोग को पत्र लिखकर ये कहा है कि वो उत्तर प्रदेश में 2006 से पहले की पुरानी मशीनों से चुनाव नहीं कराना चाहते क्योंकि वो मशीनें ख़राब हैं और उन्हें पेपर बैलेट से वहां के निगम चुनाव कराने की इज़ाज़त दी जाएं.
वहीं मुख्य चुनाव अधिकारी ने चुनाव की तारीखें बढाने से साफ इंकार कर दिया लेकिन केजरीवाल का दावा है कि चुनाव अधिकारी ने उन्हें निगम चुनाव के लिए नई मशीने मंगाने को लेकर केंद्रीय चुनाव आयोग से बात करने का आश्वासन जरूर दिया है.
दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि जेनरेशन 1 यानी 2006 से पहले की ईवीएम मशीनें खराब हैं और उनकी जगह पेपर बैलेट से चुनाव कराना बेहतर विकल्प होगा . उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि आखिर क्या वजह है कि दिल्ली चुनाव आयोग राजस्थान से 2006 से पहले वाली बेहद ही साधारण और असुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन को मंगाकर दिल्ली नगर निगम चुनाव कराना चाहता है?
आम आदमी पार्टी ने दिल्ली के चुनाव आयोग को दिल्ली म्युनिसिपल एक्ट की सेक्शन 4 का हवाला देते हुए कहा कि नियम के तहत यह प्रावधान है कि निगम चुनाव को आगे बढ़ाया जा सकता है, लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार से अनुमति लेनी पड़ेगी और यह फ़ैसला केंद्र सरकार को लेना होगा. ऐसे में जबकि चुनाव में बस एक हफ़्ता बचा है और ऐसे में अगर पेपर बैलेट या नई ईवीएम के साथ वीवीपैट का बंदोबस्त नहीं हो पाता है तो चुनाव को डीएमसी एक्ट के सेक्शन 4 के तहत आगे बढ़ाया जाएं. हांलाकि दिल्ली चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी किस मांग को खारिज कर दिया. सूत्रों की माने तो आम आदमी पार्टी इस मुद्दे को और आगे ले जाना चाहती है !