गुरुवार सुबह CBI की टीम ने दिल्ली सचिवालय समेत दिल्ली में 6 जगहों पर छापेमारी की है. CBI ने डॉ तरुण सेन के ठिकानों पर छापेमारी की है. डॉ तरुण सेन फिलहाल निदेशक के पद पर कार्यरत हैं. उन पर करीब 10 करोड़ रुपये के घपले का आरोप है, जिसमे उन्होंने निजी कंपनी को टेंडर के दौरान फायदा पहुंचाया है . जहाँ तक उम्मीद है कि CBI की छापेमारी के बाद एक बार फिर मोदी सरकार और केजरीवाल सरकार में टकराव बढ़ सकता है.
सूत्रों के मुताबिक़ कि इस मामले का संबंध भी राजेंद्र कुमार वाले मामले से है. गौरतलब है कि सीबीआई ने राजेन्द्र कुमार सहित आठ अन्य लोगों और इंडीवर सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कथित आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी एवं फर्जीवाड़े के मामले में आईपीसी की धारा तथा भ्रष्टाचार रोकथाम कानून के प्रावधानों के तहत आरोपपत्र दायर किया था.
CBI ने प्राथमिकी में आरोप लगाया था कि आरोपी व्यक्तियों ने आपराधिक साजिश के तहत 2007 एवं 2015 के बीच दिए गए ठेकों के कारण दिल्ली सरकार को करीब 12 करोड़ रुपये का घाटा हुआ. प्राथमिकी में यह भी आरोप लगाया कि ठेके प्रदान करने के लिए अधिकारियों ने तीन करोड़ रुपये कमाये हैं