पटना में राजनीतिक हलचलों के बीच लालू प्रसाद यादव के घर चल रही पार्टी विधायकों की बैठक खत्म हो गई है। बैठक के बाद पार्टी नेता और मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी के बयान से साफ हो गया कि राजद तेजस्वी यादव के साथ खड़ी है। सिद्दीकी ने दावा किया कि बैठक में लालू के खिलाफ सीबीआई की कार्रवाई, नीतीश की चुप्पी या तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर कोई चर्चा ही नहीं हुई। सिद्दीकी ने यह भी बताया कि रविवार को नीतीश ने लालू से फोन पर बात भी की थी। इस बीच लंबी चुप्पी के बाद आखिरकार जेडीयू की तरफ से पहली बार लालू के बचाव में बयान आया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता शरद यादव ने कार्रवाई के पीछे बीजेपी का हाथ बताया है।
आरजेडी विधायक दल की बैठक के बाद मंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी माडिया के सामने लालू के खिलाफ हुई कार्रवाई को लेकर बताया कि, ‘पूरे देश में नफरत, आतंक और उन्माद का वातावरण बना दिया गया है और इसके खिलाफ जो आदमी मुखर होता है…उसे संविधान की धज्जियां उड़ाकर प्रताड़ित करने का, घेरने का, फंसाने का काम किया जा रहा है। जहां तक लालू जी का सवाल है, तो उन्हें पहले भी परेशान किया गया था, आज भी किया जा रहा है। जब-जब उनको इस तरह की मुसीबत में डाला जाता है, तब-तब पार्टी दोगुनी ताकत से उभरती है। लेकिन इस मुद्दे पर बैठक में किसी तरह की कोई चर्चा नहीं हुई।’ सिद्दीकी ने कहा कि बीजेपी द्वेष, घृणा और उन्माद की राजनीति के जरिए बिहार सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि बैठक में तेजस्वी के काम की तारीफ की गई। उन्होंने बताया कि मीटिंग में सिर्फ तीन मुद्दों पर चर्चा हुई। सिद्दीकी ने कहा, ‘बैठक में तीन विषयों पर बात हुई। राष्ट्रीय स्तर पर जो हालात हैं, राष्ट्रपति का चुनाव और 27 जुलाई को होने वाली रैली पर बात हुई। तय हुआ है कि रैली के लिए पूरी ताकत झोंक देना है।’ उन्होंने दावा किया कि नीतीश की चुप्पी या तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर बैठक में कोई चर्चा तक नहीं हुई।
उधर एक निजी समाचार चैनल से बात करते हुए जेडीयू नेता शरद यादव ने लालू का पहली बार बचाव किया। उन्होंने कहा, ‘बिहार में जिस तरह के हालात हैं, उसके लिए मीटिंग हो रही है। जो परिस्थिति है…जो क्राइसिस है…उसे लेकर आज और 11 तारीख को मीटिंग है।’ लालू पर सीबीआई की कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा, ‘जब से गठबंधन शुरू हुआ है, तब से इस तरह की कार्रवाई सब तरफ हो रही है। लेकिन गठबंधन बनेगा और ताकत के साथ बनेगा।’ उन्होंने कहा कि 2019 के चुनाव में महागठबंधन बनने से रोकने की मंशा के साथ इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
शरद यादव के इस बयान को लालू और महागठबंधन के लिए बड़ी राहत के दौर पर देखा जा रहा है। हालांकि नीतीश की चुप्पी अब भी बरकरार है। माना जा रहा है कि मंगलवार को होने वाली जेडीयू कार्यकारिणी की बैठक के बाद ही इस मुद्दे पर अपनी खामोशी खत्म करेंगे।