नई दिल्ली: बिहार में जेडीयू-बीजेपी गठबंधन से नाराज चल रहे शरद यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई संभव है. सूत्रों के मुताबिक- उन्हें पार्टी से निलंबित किया जा सकता है. राज्यसभा में पार्टी के नेता पद से हटाया जा सकता है. पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने पर राज्यसभा की सदस्यता जा सकती है. दरअसल, जेडीयू में राज्यसभा में नया नेता चुनने पर विचार किया जा रहा है. राज्यसभा में पार्टी के 10 सांसद हैं. अपने बागी तेवरों को लेकर पार्टी की ओर से कार्रवाई की अटकलों के बीच शरद यादव ने नीतीश कुमार पर निशाना साधा है. सूत्रों के मुताबिक़ शरद यादव ने कहा कि महागठबंधन जनता के साथ एक बड़ा करार था और इसके टूटने से जनता का विश्वास टूटा है.
आखिर शरद पर एक्शन लेने के क्या हैं कारण…
1.शरद यादव 12 साल अध्यक्ष रहने के बावजूद जेडीयू का विस्तार क्यों नहीं कर पाए.
2.अपने गृहराज्य मध्य प्रदेश में भी पार्टी को क्यों नहीं खड़ी कर पाए.
3. वह लालू और उनके परिवार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर क्यों चुप हैं.
4.यही नहीं बिहार में पार्टी का एक भी विधायक शरद यादव के साथ क्यों नहीं आया.
5.अगर दूसरे विपक्षी दलों से समर्थन का इतना ही भरोसा है तो राज्यसभा से इस्तीफा क्यों नहीं दे देते हैं? दूसरी पार्टियां उन्हें चुन कर भेज सकती हैं.
शरद यादव आज बिहार दौरे पर…
बिहार में महागठबंधन टूटने और फिर बीजेपी के साथ सरकार बनाने के नीतीश कुमार के फैसले से खफा शरद यादव आज से बिहार दौरे पर हैं. जहां अगले तीन दिनों तक वह सात जिलों में घूम-घूमकर लोगों से संवाद करेंगे. इस दौरान शरद यादव पार्टी कार्यकर्ताओं का मिज़ाज भांपने की कोशिश करेंगे, हालांकि जेडीयू ने बागी शरद यादव के इस दौरे से किनारा कर लिया है.
इस दौरे को शरद यादव और नीतीश कुमार के बीच औपचारिक अलगाव की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है. बिहार से लौटने के बाद शरद यादव 17 अगस्त को दिल्ली में एक सम्मेलन करने की योजना भी बना रहे हैं. हाल के दिनों में शरद यादव ने पार्टी लाइन के खिलाफ जमकर बयानबाजी की है. साथ ही बीजेपी के साथ सरकार बनाने के नीतीश के फैसले की आलोचना भी की है.