PMCH पटना में मंगलवार रात से जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल की वजह से अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है। ये सभी पीजी मेडिकल काउंसलिंग के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिसवालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।
जूनियर डॉक्टर्स ने धमकी दी है कि अगर उनकी मांगे पूरी न हुई तो वह अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर चले जाएंगे। हालांकि, PMCH के सुपरिटेंडेंट लखींद्र प्रसाद ने कहा, ‘हमारे पास जूनियर डॉक्टर्स की हड़ताल की वजह से हुई मौतों का कोई रेकॉर्ड नहीं है। लेकिन मुझे जानकारी मिली है कि कुछ मौते हुई हैं।’
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कहने पर राज्य के स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक कर मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का आदेश दिया है।
जूनियर डॉक्टरों के एसोसिएशन के प्रेजिडेंट डॉक्टर विनय यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पीजी दाखिले की काउंसलिंग के दौरान लाठीचार्ज किया। विनय ने कहा, ‘कुछ डॉक्टरों ने काउंसलिंग के दौरान शांतिपूर्वक तरीके से अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। विनय कुमार यादव ने दावा किया है कि राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के कम से कम 700 डॉक्टर काम का बहिष्कार कर रहे हैं। लेकिन पुलिस ने लाठीचार्ज किया और इससे कई डॉक्टर चोटिल हो गए। वहीं, 4 डॉक्टरों को गैर-जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया।’
PMCH के सुपरिटेंडेंट प्रसाद ने कहा कि हड़ताल से रोज के काम पर कोई खास फर्क नहीं पड़ रहा है। लेकिन विनय ने कहा कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी जब तक डॉक्टरों के खिलाफ FIR वापस नहीं ली जाती और पुलिस के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी।