राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बिहार में महागठबंधन में आपस में ही वाक् युद्ध छिड़ गया है. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के समर्थन के नीतीश के ऐलान के बाद लालू यादव ने इसे नीतीश की ऐतिहासिक भूल बताई तो लालू के ही पार्टी आरजेडी के विधायक ने नीतीश के खिलाफ मोर्चा ही खोल दिया. राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र ने कहा- नीतीश के लिए , कोई सगा नहीं जिसको नितीश ने ठगा नहीं, हमेशा लोगों को मुर्ख बनाने की कोशिश करते हैं.
क्यों किया सपोर्ट?
नीतीश ने कहा- हमने पार्टी के अंदर खुले तौर पर गौर किया. हर पहलू को गौर कर ये निर्णय लिया. ये फैसला राष्ट्रपति चुनाव के लिए है. हम जब एनडीए में भी थे, जब प्रणब बाबू और अंसारी के खिलाफ बयान हुए थे तो हमने बीजेपी का ऐतराज किया था. राष्ट्रपति का पद मुकाबले का पद नहीं है. ये बिहार की बेटी वाली बात तो ऐसे ही है कि सब किसी को पता है. उनका चयन हारने के लिए किया है. बिहार की बेटी को आप हारने लायक समझ रहे हैं. जीतने के समय चयन कीजिए. इन बातों को कोई बहुत असर नहीं होने वाला. जब भी कोई चुनाव होता है, लोग अपनी अपनी बात रखेंगे.
बिहार में महागठबंधन पर क्या कहा?
सब लोग अपनी राय रखने के लिए आजाद हैं. जहां तक सवाल है बिहार के महागठबंधन का तो यह कोई मुद्दा है ही नहीं. यह तो पार्टी को निर्णय लेना है. विपक्ष की एकता तो जरूर करनी चाहिए और 2019 की रणनीति बनाइए.