पटना: आज मंगलबार को यहाँ के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा द्वारा डा. भीमराव अम्बेडकर की 126वीं जयंती समारोह का आयोजन किया गया, इस समारोह की अध्य्क्षता पूर्व शिक्षा मंत्री बृषण पटेल ने किया | इस अवसर पर पूर्व विधायक एवं हम (से.) के युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुमार ने भारत रत्न एवं महान समाज सुधारक डा. भीमराव अम्बेडकर को शत-शत नमन करते हुए, उनके दिखाए हुए मार्ग पर चलने का आह्वान किया इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भीम राव अंबेडकर एक नेता, वकील, गरीबों के मसीहा और देश के बहुत बड़े नेता थे जिन्होंने समाज की बेड़ियां तोड़ कर विकास के लिए कार्य किए। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अम्बेडकर ने अपना सारा जीवन हिन्दू धर्म की चतुवर्ण प्रणाली, और भारतीय समाज में सर्वव्यापित जाति व्यवस्था के विरुद्ध संघर्ष में बिता दिया, श्रेष्ठ चिन्तक, ओजस्वी लेखक, तथा यशस्वी वक्ता एवं स्वतंत्र भारत के प्रथम कानून मंत्री डॉ॰ भीमराव आंबेडकर विधि विशेषज्ञ, अथक परिश्रमी एवं उत्कृष्ट कौशल के धनी व उदारवादी, परन्तु सुदृण व्यक्ति के रूप में डॉ. आंबेडकर ने संविधान के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने कहा कि भीम राव अम्बेडकर जी का भी यही सपना था की आरक्षण का आधार आर्थिक होना चाहिए ना की जातीय और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (से.) पार्टी का मूल मंत्र ग़रीबों का उत्थान है चाहे वो सवर्ण हो, दलित हो, महादलित हो या अतिपिछड़ा !
श्री कुमार ने कहा कि बाबा साहब समानता और समरसता समाज में देखना चाहते थे। उन्होंने अपना जीवन सदैव दूसरों के लिए जीया। उन्होंने गरीब, कमजोर व बेसहाराओं के अनेक कार्य किए, इसलिए प्रत्येक वर्ग उनका आदर करता है। उन्होंने कहा कि बाबा साहब गरीबों के मसीहा थे।
वहीँ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर एक महान दार्शनिक, बुद्धिजीवी, समाज सुधारक बताया । उन्होंने कहा की बाबा साहेब केवल एक युगपुरूष, दूरदृष्टा व क्रांन्तिकारी विचारों के व्यक्ति ही नहीं , बल्कि हमेशा गरीबों, समाज के कमजोर वर्गों व महिलाओं के लिए व्यापक आर्थिक हितों की वकालत करने वाले अग्रणी नेता भी थे। उन्होंने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने तथा पिछड़े वर्गों को समानता, सम्मान और न्याय दिलाने के लिए साहसपूर्ण संघर्ष किया, जो कि मानवता के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है।
इस मौके पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ,शाहिदअली खान, संतोष कुमार सुमन, अजित कुमार ,अनिल कुमार, रविंद्र राय, पूनम देवी, महाचंद्र सिंह इत्यादि मौजूद रहे।