बिहार विधानसभा में नीतीश कुमार ने विश्वासमत हासिल कर लिया है, पक्ष में 131 व विपक्ष में 108 मत पडे.. इस बीच विधानसभा में पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के बयान के बाद सीएम नीतीश कुमार ने आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) प्रमुख लालू प्रसाद यादव पर बड़ा हमला किया है. नीतीश ने विधानसभा में अपने भाषण में लालू को भ्रष्ट नेता के तौर पर पेश करते हुए दो टूक शब्दों में कहा कि सांप्रदायिकता की आड़ में भ्रष्टाचार की छूट नहीं दी जा सकती.
नीतीश ने कहा, सत्ता सेवा के लिए होती है, भोग करने के लिए नहीं. आपको बता दें कि इससे पहले, नीतीश कुमार लालू यादव पर हमला करते हुए ये कह चुके हैं कि कफन में जेब नहीं होती. आपको बता दें कि बिहार विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 243 है. इस हिसाब से बहुमत का जादुई आंकड़ा 122 होता है. नीतीश कुमार ने विश्वासमत का प्रस्ताव रखा है और कुछ देर में उसपर वोटिंग होनी है.
नीतीश ने कहा कि 15 से ज्यादा सीटें कांग्रेस को नहीं मिलने वाली थी लेकिन हमने महागठबंधन में 40 सीटों पर चुनाव लड़वाया.विश्वास मत से पहले राजद विधायक लगातार हंगामा कर रहे हैं. राजद विधायकों ने विधानसभा के बाहर धरना भी दिया. तेजस्वी ने पहले बोलते हुए काफी तीखे आरोप लगाए नीतीश पर.
पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि मैं इस प्रस्ताव के विरोध में खड़ा हूं. हमें बीजेपी के खिलाफ वोट मिला था, ये सब प्रीप्लान था. ये एक तरह से लोकतंत्र की हत्या है. बीजेपी के भी कई मंत्री हैं जिनपर आरोप हैं, नीतीश कुमार और सुशील मोदी पर भी आरोप हैं. तेजस्वी ने कहा कि कांग्रेस और राजद ने मिलकर नीतीश कुमार के वजूद को बचाया था, नीतीश ने बिहार की जनता को धोखा दिया.
उधर, बिहार में जेडीयू-बीजेपी सरकार के विरुद्ध राजद की याचिका हाईकोर्ट ने मंजूर कर ली है. इसको लेकर सुनवाई सोमवार को होगी.