पटना : बिहार शराबबंदी के बाद अब एक और सामाजिक बदलाव की ओर अग्रसर हो रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे बड़ी सामाजिक बुराई दहेजबंदी की बात कही है। शराबबंदी के फायदे गिना रही नितीश सरकार समाज सुधार दिशा में एक और नया अभियान शुरू करने जा रही है , और उस अभियान का नाम है दहेजबंदी सीएम नीतीश ने खा की महिलाओं के दुख-पीड़ा को देखते हुए दहेजबंदी के लिए अभियान चलेगा। बाल-विवाह के खिलाफ भी लोगो को जागरूक किया जाएगा ।
शुक्रवार को यहाँ पटना में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समाज कल्याण विभाग के कामकाज की समीक्षा की और अधिकारियों के साथ बैठक में सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बाल विवाह और दहेज प्रथा के विरुद्ध बड़े जागरूकता अभियान की योजना पर काम करें ।
फिर महिलाओं ने उठाई थी मांग
पिछले सोमवार को महिलाओं के लिए विशेष रूप से आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में एक युवती ने मुख्यमंत्री को यह परामर्श दिया था कि वह शराबबंदी की तरह ही दहेजबंदी का अभियान चलाएं। एक युवती ने तो यहां तक कहा था कि ऐसा कानून बनना चाहिए कि जब तक लड़की की पढ़ाई पूरी न हो जाए तब तक उनकी शादी नहीं हो।
नारी शक्ति योजना की भी होगी समीक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के सभी पहलुओं की समीक्षा करें, ताकि पता चले ली इन योजनाओं से कितने लोगों लाभान्वित हुए हैं । उन्होंने कन्या सुरक्षा योजना की समीक्षा की बात भी कही। महिला सशक्तीकरण नीति के संबंध में एक बैठक बुलाएं ताकि आगे का एक्शन प्लान बनाया जा सके।
बैठक में कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर हुई चर्चा
सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन, फूड सेफ्टी एंड न्यूटिएंट, बाल विवाह प्रतिरोध अधिनियम 2006, शताब्दी कुष्ठ कल्याण योजना, पुनर्वास गृह, बसेरा,आंगनबाड़ी संचालन, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, मुख्यमंत्री भिक्षावृत्ति निवारण योजना, वृद्धा आश्रम निर्माण व नि:शक्तजन विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना
दहेज, बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाने का आदेश
सीएम नीतीश ने कहा कि यह महत्वपूर्ण बात है कि लड़कियां अब दहेजबंदी को लेकर जागृत हुई हैं हैं। यह महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दा है। इस कैंपेन में समाज कल्याण विभाग स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास विभाग को साथ लें।
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