चारा घोटाला केस में सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को लालू प्रसाद के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर अपना फैसला सूना दिया है . सीबीआई ने लालू प्रसाद के खिलाफ षड्यंत्र का चार्ज हटाये जाने के खिलाफ याचिका दायर की थी. सर्वोच्च न्यायालय ने सीबीआई की दलील मानी है. कोर्ट ने कहा है कि हर केस में अलग-अलग ट्रायल होगा. अब लालू प्रसाद के खिलाफ आपराधिक साजिश का केस चलेगा. सर्वोच्च न्यायालय ने आज सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट का फैसला बदल दिया है.
शीर्ष कोर्ट ने इस मामले में 20 अप्रैल को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. साथ ही मामले से संबंधित सभी पक्षों से एक हफ्ते के भीतर अपने सुझाव देने को कहा था.
झारखंड उच्च न्यायालय ने उनके खिलाफ षड्यंत्र का चार्ज रद्द कर दिया था. हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि लालू के खिलाफ आईपीसी की धारा 201 और धारा 511 के तहत मामला चलेगा, लेकिन षड्यंत्र का चार्ज रद्द कर दिया था.
इन धाराओं में चलेगा लालू पर मुकदमा:
120- बी यानी आपराधिक साजिश
409- अमानत में खयानत
420- धोखाधड़ी
467- जालसाज़ी
468- धोखाधड़ी के लिए जालसाजी
सर्वोच्च न्यायालय में मामले की सुनवाई के दौरान लालू की तरफ से राम जेठमलानी ने कहा था कि सभी मामलों में आरोप एक जैसे हैं इसलिए मामले को लेकर दर्ज किए गए अलग-अलग केसों को सुनने की जरूरत नहीं है.
इधर, सर्वोच्च न्यायालय ने 20 अप्रैल को सुनवाई पूरी कर ली थी. चारा घोटाला में लालू यादव पर 6 अलग-अलग मामले लंबित हैं और इनमें से एक में उन्हें 5 साल की सजा हो चुकी है.
बता दें कि चारा घोटाले में मिली जेल की सजा को लालू यादव ने चुनौती दी है. चारा घोटाला 1990 के बीच में बिहार के पशुपालन विभाग से जुड़ा हुआ मामला है. इस दौरान लालू बिहार के मुख्यमंत्री थे.