बिहार में अब करोड़ों का शौचालय घोटाला, लालू ने बोला हमला

0
1180
-- Advertisements --

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने बिहार के पटना जिले में शौचालय निमार्ण के नाम पर 13 करोड़ रुपये की बंदरबांट को लेकर शनिवार को बिहार सरकार और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए तंज कसा है।

लालू ने नीतीश कुमार पर चुटकी लेते हुए ट्वीट कर सवाल पूछा , “चारा घोटाले में इन लोगों ने कहा था कि लालू सारा चारा खा गए। अब शौचालय घोटाले में वो क्या बोलेंगे, नीतीश क्या खा गए?”

राजद अध्यक्ष ने एक अन्य ट्वीट को ‘ब्रेकिंग’ बताते हुए लिखा, “बिहार में अब करोड़ों का शौचालय घोटाला। कागजों मे ही हजारों शौचालय खा गई नीतीश सरकार। शौचालय भी नहीं छोड़े? मुख्यमंत्री ईमानदार है, है ना?”

लालू ने कहा कि सृजन के बाद ये दूसरा घोटाला है जिसकी सरकार लीपापोती करने में जुडी़ हुई है, सरकार के शाषण में दलित-महादलित सब परेशान हैं जबकि मंत्री और अधिकारी मौज कर रहे हैं. लालू ने कहा कि नीतीश कुमार की कैबिनेट के मंत्री विजिलेंस की कोर्ट में खुद से ही चार्जशीटेड हैं.

बिहार में सरकार अब एनजीओ की मदद से लूट और घोटाले कर रही है. नीतीश पर हमला बोलते हुए लालू ने कहा कि वो अपने सलाहकारों से ही घिरे रहते हैं यही कारण है कि बिहार में क्राइम का ग्राफ फिर से भागा है.

लालू ने कहा कि जब भी कोई घोटाला होता है तो नीतीश केवल कहते हैं कि आरोपी बख्शे नहीं जायेंगे लेकिन होता कुछ नहीं है. लालू ने सृजन घोटाले का भी जिक्र किया और कहा कि मामले के आरोपी शासन के शीर्ष पर बैठ कर नीतीश-मोदी के साथ मजे ले रहे हैं.

इधर, लालू के पुत्र और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव ने भी शौचालय निर्माण में गड़बड़ी को लेकर नीतीश सरकार पर भ्रष्टाचार को लेकर जीरो टॉलरेंस को लेकर तंज कसते हुए निशाना साधा है। तेजस्वी ने ट्वीट कर लिखा, “बिहार में अब करोड़ों का शौचालय घोटाला! महीने में अनेकों घोटाले होते उजागर। फिर भी हमार घोटाला बाबू ईमानदार। जय हो जीरो टॉलरेन्स बाबू।” एक अन्य ट्वीट में राजद नेता तेजस्वी ने लिखा, “नीतीश सरकार ने अब 10 हजार शौचालयों के करोड़ों-करोड़ डकार लिए। नीतीश जी ‘जीरो टॉलरेंस ऑन ऑनेस्टी’ के सबसे बड़े ‘ब्राण्ड एंबेसडर’ बन चुके हैं।”

उल्लेखनीय है कि पटना में शौचालय बनाने के नाम पर स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) द्वारा 13 करोड़ रुपये की राशि के बंदरबांट का मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि पटना में शौचालय बनाने का पैसा लाभुकों को सीधे खाते में भेजने के बजाय लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) ने तीन स्वयंसेवी संस्थाओं के खाते में भेज दिया गया। इस मामले में लेकर पटना के गांधी मैदान थाने में एक प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

-- Advertisements --