पटना (दैनिक टुडे , संवाददाता ) : बिहार के नियोजित शिक्षकों की लड़ाई को हम (से.) के युवा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं जहानाबाद संसदीय क्षेत्र के घोषी विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राहुल कुमार ने अपना समर्थन दिया है . हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के नेता और बिहार विधानसभा के पूर्व सदस्य श्री राहुल कुमार ने कहा है कि समान काम के लिए समान वेतन नीतीश सरकार को देना ही होगा . इसे पाना नियोजित शिक्षकों का हक है और इसे देना दायित्व बनता है .
पूर्व विधायक श्री कुमार ने आज शनिवार को दैनिक टुडे प्रतिनिधि विक्रमादित्य कुमार से बातचीत में कहा कि पटना उच्च न्यायालय ने नियोजित शिक्षकों को उनका हक प्रदान किया है . और ये फैसला एक दो दिन में नहीं , लंबी सुनवाई के बाद आया है . हाई कोर्ट में बिहार सरकार ने भी अपना पक्ष रखा था . इसके बाबजूद अगर बिहार सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय का रूख किया है तो ये फैसला सरकार के नकारात्मक सोच को दर्शाता है . राहुल कुमार ने कहा कि 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव के समय नियोजित शिक्षको के मानदेय को लेकर हम (से.) पार्टी ने जो घोषणा पत्र बनाया था उसमे समान कार्य के लिए समान वेतन को तरजीह दी थी , इसलिए मैं पर्सनली हर कदम पर नियोजित शिक्षकों के साथ खड़ा हूँ और उनके लड़ाई में भागीदार बनने को तैयार हूँ .
विधायक रहे युवा नेता ने कहा कि कोई भी सरकार भूखे पेट शिक्षक को रखकर सूबे की शिक्षा-व्यवस्था को सुधार सकती है क्या ? आप ही सोचिये आपसे अगर कोई काम करवाए और उस काम के लिए आपको उचित पैसा नहीं मिले तो आपको कैसा लगेगा ? वैसे ही हमारे बिहार के जो शिक्षक है अपने पेट को भूखा रखकर छात्र छात्राओं का उचित ख्याल कैसे रख पायेंगे , पढ़ाई ठीक से कैसे होगी, शिक्षा का स्तर और गर्त में चला जाएगा . और सभी को पता है कि बिना शिक्षा की स्थिति सुधरे किसी भी राज्य के विकास का परिकल्पना करना बेईमानी होगी . राहुल कुमार ने कहा कि वो दिन दूर नहीं होगा, जब सुप्रीम कोर्ट में भी बिहार के नियोजित शिक्षकों को जीत मिलेगी . क्योंकि कोई भी अदालत कभी भी एक ही काम के लिए कम वेतन और मानदेय देने के लिए फैसला नहीं दे सकती, और मुझे पूर्णतया विश्वास है नियोजित शिक्षको को समान कार्य के लिए समान वेतन मिल के ही रहेगा !!