पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को बुद्ध पूर्णिमा एवं भगवान बुद्ध की 2561वीं जयंती पर बुद्ध स्मृति पार्क जाकर पूजा अर्चना की। बौद्ध भिक्षु बौद्धानंद भंते ने मुख्यमंत्री नीतीश से भगवान बुद्ध, बोधि वृक्ष और आनंद बोधि वृक्ष का पूजन कराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बुद्ध स्मृति पार्क पार्क में सात निश्चय की प्रतिकृति का भी अनावरण किया।
सीएम नितीश ने पाटलिपुत्र करुणा स्तूप में भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थियों के दर्शन किए। वहां उन्होंने बौद्ध भिक्षुओं के साथ बैठकर राज्य में सुख, समृद्धि और अमन-चैन की कामना की। विपश्यना केन्द्र में पूजा अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं सभी लोगों को बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएं देता हूं। पिछले वर्ष भी आज ही के दिन विपश्यना का आयोजन किया गया था। यह निर्णय हमने पहले ही लिया था कि बुद्ध स्मृति पार्क में विपश्यना का केन्द्र होगा और साधना के लिए ही इस स्थल का निर्माण कराया गया है।
उन्होंने कहा कि 11 साल पहले भगवान बुद्ध की 2550वीं जयती के अवसर पर बुद्ध स्मृति पार्क के निर्माण का निर्णय लिया गया था। उस समय विपश्यना के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। बाद में विपश्यना के बारे में जानकारी मिली, इसके लिए बुद्ध स्मृति पार्क से बेहतर स्थल नहीं हो सकता है। यहां पर भगवान बुद्ध की स्मृति में एक संग्रहालय का भी निर्माण किया गया है। बुद्ध स्मृति पार्क स्थित पाटलीपुत्र करूणा स्तूप में छह देशों से प्राप्त अवशेष रखे गए हैं।
सीएम नितीश ने कहा कि यह स्थल विपश्यना के लिए उपयुक्त है। राज्य सरकार के तरफ से विपश्यना को ध्यान में रखते हुए इसके अंदरूनी हिस्से को बनाने की कोशिश की गई है। यह कार्य लगभग पूर्ण हो गया है। मेरी इच्छा है कि यहां जो विपश्यना का केंद्र है वो नियमित काम करें। जो भी इच्छुक हो, वे आकर साधना कर सके। इससे ना सिर्फ उनका मंगल होगा बल्कि प्रभाव समाज पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। मैं चाहता हूं कि सभी क्षेत्रों से इच्छुक लोग यहां आकर विपश्यना सीखें। विपश्यना विलुप्त हो गई थी। पुस्तकों में यह लिखा हुआ है कि विपश्यना 2500 वर्ष बाद वापस आएगी और पूरी दुनिया में प्रचार-प्रसार होगा। यह शुभ संकेत है की पिछले वर्ष की तरह आज फिर वर्षा हुई है