पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। बता दें कि जेडीयू विधायक दल की मीटिंग के बाद नीतीश राज्यपाल से मिलने गए थे।
‘अतंरआत्मा की आवाज से दिया इस्तीफा’
इस्तीफा देने के बाद नीतीश ने कहा, मैंने गठबंधन धर्म का पालन किया। जब तक चला सकता था मैंने सरकार चलाई और मौजूदा माहौल में काम करना मुश्किल था। ये मेरे स्वभाव के अनुरुप नहीं था। इसलिए मैंने अपनी अतंरआत्मा की आवाज से इस्तीफा दिया है।
‘लालू चाहते थे मैं संकट में रक्षा करूं’
तेजस्वी को लेकर नीतीश ने कहा, ‘मैंने उनसे अपना पक्ष रखने को कहा था। लालू चाहते थे मैं संकट में रक्षा करूं’।
इससे पहले आरजेडी के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने आज कहा था कि सीएम नीतीश कुमार ने कभी डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव का इस्तीफा नहीं मांगा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे, यह राजद विधानमंडल की बैठक में तय हो चुका है।
इससे पहले आरजेडी की बैठक हुई और बैठक के बाद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर कहा कि तेजस्वी यादव इस्तीफा नहीं देंगे. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने तेजस्वी से इस्तीफा मांगा ही नहीं है. लालू यादव ने बीजेपी पर आरोप साधते हुए कहा कि बीजेपी नीतीश पर डोरे डाल रही है. बीजेपी की लार नीतीश पर टपक रही है. उन्होंने कहा कि नीतीश से मेरी बात होती रहती है, वही महागठबंधन के नेता हैं. तेजस्वी यादव ने भी कहा कि जनता ने महागठबंधन को चुना है. इस्तीफा जब मांगा ही नहीं गया तो देने का सवाल ही नहीं है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महागठबंधन से अलग होने पर नीतीश कुमार को बधाई दी. पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में जुड़ने के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत-बहुत बधाई. सवा सौ करोड़ नागरिक ईमानदारी का स्वागत और समर्थन कर रहे हैं. देश के, विशेष रूप से बिहार के उज्जवल भविष्य के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भ्रष्टाचार के खिलाफ एक होकर लड़ना, आज देश और समय की मांग है.
भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ लड़ाई में जुड़ने के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत-बहुत बधाई।
सवा सौ करोड़ नागरिक ईमानदारी का स्वागत और समर्थन कर रहे हैं— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2017
देश के, विशेष रूप से बिहार के उज्जवल भविष्य के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ एक होकर लड़ना,आज देश और समय की माँग है
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2017