बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देश के अलग-अलग हिस्सों में चल रहे किसान आंदोलनों को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर बड़ा हमला बोला है। सोमवार को प्रेस वार्ता कर नीतीश ने किसानों के लिए राष्ट्रीय नीति नहीं बनाने को लेकर मोदी सरकार की खिंचाई की। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी पर की गई टिप्प्णी के संबंध में नीतीश ने बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह पर भी निशाना साधा। नीतीश के निशाने पर कृषि मंत्री राधामोहन सिंह भी रहे जिनके गलत योग आसन का मुख्यमंत्री ने चुटकी ली । नीतीश ने साथ ही पीएम मोदी को बिहार और यूपी में अभी चुनाव कराने की चुनौती भी दी।
उन्होंने कहा कि मोदीजी ने चुनाव के समय कहा था कि लागत पर 50 प्रतिशत जोड़कर समर्थन मूल्य की घोषणा की जाएगी। नीतीश ने कहा, ‘तब मोदीजी बीजेपी के पीएम उम्मीदवार थे। उन्होंने किसानों को लेकर कई वादे किए थे। ये बातें बीजेपी के घोषणापत्र में शामिल की गई थीं।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किसान आंदोलनों को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है. किसानों की उपज के लिए अपर्याप्त और कम खरीद मूल्य वर्तमान कृषि संकट का आधार है.
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कर्ज माफी अकेला समाधान नहीं है. अलग-अलग जगहों पर अलग समस्या हैं. कहीं किसानों की लागत बढ़ गई है और उत्पादन मूल्य में वृद्धि नहीं हो रही है. उन्होंने जीएम सीड को लेकर केंद्र को पत्र लिखा है कि नई प्रकार की बीमारियां शुरू हो गई है. कृषि में यह अवधारणा है कि इन सीडो से जितना उत्पादन बढ़ेगा वो उतना ही गलत है. साथ ही उन्होंने लिखा कि फसल बीमा योजना किसानों के लिए नहीं है. हमें किसानों के हित को ध्यान में रखकर बेहतर नीति बनानी होगी.
बिहार में किसान कर्ज नहीं लेते
जिस किसान ने कर्ज नही लिया वो संकट में नहीं है. नीतीश ने कहा कि बिहार में किसान कर्ज नहीं लेते हैं. उन्होंने कहा कि लागत मूल्य बढ़ रहा है और उत्पादन मूल्य कम हो रहा है. ये सबसे बड़ी समस्या है. उन्होंने ये भी कहा कि इस देश के जाट मराठा और पाटीदार आरक्षण की मांग कर रहे है. उसके पीछे कारण कृषि संकट ही है.