निजी सेवाओं में आरक्षण के नीतीश सरकार के फैसले पर बिहार में राजनीति गरमा -गरम हो गई है . भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉक्टर सीपी ठाकुर ने नीतीश सरकार के फैसले का विरोध किया है.
डॉक्टर सीपी ठाकुर ने कहा कि निजी क्षेत्रों में रिजर्वेशन का मैं इसलिए विरोध कर रहा हूं क्योंकि अभी इसकी कोई आवश्यकता नहीं है. पहले से जो आरक्षण है उसे ठीक से लागू किये जाने की जरूरत है. सरकार को पिछड़े लोगों की पढ़ाई पर ध्यान देना चाहिए.
भाजपा नेता ने कहा कि निजी क्षेत्रों में आरक्षण लागू करने से लोगों को लगेगा कि हमारे पास जो थोड़ा अधिकार है उसपर भी सरकार रोक लगा रही है. इसलिए यह उचित नहीं है.
उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्रों में रिजर्वेशन लागू करने से बिहार में निवेश प्रभावित हो सकता है. बाहर के निवेशक बिहार नहीं आएंगे. साथ ही पब्लिक में इसका रिएक्शन हो सकता हैं और सरकार को लोगों को विरोध झेलना पड़ सकता हैं जिसे सरकार शायद संभाल नहीं पाए.
सीपी ठाकुर के आउटसोर्सिंग में आरक्षण के बयान पर जदयू ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि डॉक्टर साहब को इस मामले को अपने पार्टी में उठाना चाहिए. नीतीश कुमार की सरकार जिसमें भाजपा भी शामिल है , आरक्षण लागू करने का फैसला लिया है.
वहीं हम (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि सीपी ठाकुर का बयान उनका व्यक्तिगत बयान है. राजग के किसी दल का यह बयान नहीं हो सकता है, ऐसे में कौन क्या बोलता है उस पर ध्यान देने की जरुरत है.