पटना: सुशील कुमार मोदी ने आरोप लगाया है कि एके इंफोसिस्टम कंपनी का फार्मेशन लालू यादव के फॅमिली के लिए बेनामी संपत्ति बनाने के लिए किया गया था । जैसा की कंपनी के मालिक ओमप्रकाश कत्याल एंड फॅमिली की कंपनी एके इंफोसिस्टम ने 10 साल में कोई व्यापार नहीं किया और न ही किसी की बहाली की है । .
सुशील मोदी ने आरोप लगते हुए कहा की ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड कंपनी लालू यादव के फैमिली के लिए संपत्ति खरीदती रही है । जब कंपनी ने लालू के लिए खूब साड़ी सम्पति इकठा कर लिया उसके बाद पूरी कंपनी लालू यादव के फैमिली को दे दी गयी।पहले इस कंपनी का मालिक कत्याल परिवार हुआ करता था लेकिन आज इस कंपनी का मालिकाना हक़ लालू यादव और उनके परिवार के पास है। ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड के 85 फीसदी शेयर राबड़ी देवी के पास जबकि 15 फीसदी शेयर तेजस्वी प्रसाद के पास हैं। कंपनी की डायरेक्टर लालू की पुत्री रागिनी यादव और चंदा यादव हैं।
सुशील मोदी ने कहा कि इस कंपनी ने मार्च 2007 में पटना के पानापुर में करीब 28.57 डिसमिल और चितकोहरा में करीब 43 डिसमिल जमीन खरीदी थी । कंपनी ने राबड़ी देवी के भाई प्रभुनाथ यादव से गिफ्ट में मिली सलेमपुर डुमरा में दोमंजिली पक्का मकान को भी खरीद लिया था । गिफ्ट के समय जमीन के साथ मकान की कीमत 14 लाख थी, जब इसे ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को बेचा गया तो इसकी कीमत 70 लाख हो गयी। हैरत की बात तो यह है कि कत्याल ने 80 लाख और अमित कत्याल ने 35 लाख रुपए इस कंपनी को कर्ज के रूप में दिया ताकि तेजस्वी तथा तेजप्रताप के लिए गिफ्ट में जो जमीन मिली थी उसको खरीदा जा सके।
ये उक्त बाते सुशील कुमार मोदी जनता दरबार के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बोल रहे थे , पूर्व उपमुख्यमंत्री ने अपने आरोपों को साबित करने के लिए कई दस्तावेज भी पेश किये। उन्होंने कहा कि वे जो कुछ भी कहते हैं ,पूरी तरह से जानकारी जुटा लेने के बाद कहते हैं और इसके उनके पास पूरे दस्तावेज हैं। यहां बड़ा सवाल उठता है कि ए के इंफोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड ने अपने पूरे कार्यकाल में लालू प्रसाद के परिवार के लिए जमीन खरीदने के अलावा दूसरी व्यवसाय क्यों नहीं किया?
कत्याल की फैमिली ने पटना में बेशकीमती जमीन लालू परिवार को सौंपने के लिए क्यों खरीदा?
बगैर किसी कारण के कत्याल फैमिली ने कंपनी के 100 फीसदी शेयर, डायरेक्टरशिप और 50 करोड़ की जमीन लालू परिवार को क्यौं सौंप दी? लालू प्रसाद इसका जवाब दे। उन्होंने यह भी खा की इस मामले में नीतीश कुमार की चुप्पी आश्चर्यजनक है।