मोदी सरकार में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन बढ़ा, महंगाई घटी

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भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सोमवार को जो आंकड़े पेश किये गए उसके मुताबिक़ मोदी सरकार में मंहगाई घटी है तथा उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी हुई है जो की केंद्र के मोदी सरकार के लिए बड़ी राहत साबित हुई है. केन्द्रीय सांख्यिकी विभाग (CSO) द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने के दौरान देश में आर्थिक गतिविधि मापने के बाद पता चला है कि इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन(IIP) के आंकड़े 3.1 फीसदी की दर से उछाल आया है जो की मार्च में यह आंकड़ा 2.7 फीसदी था .वहीं CSO द्वारा जारी महंगाई के आंकड़ो के मुताबिक मई के आंकड़ों में सरकार को बड़ी राहत मिली है. मई के दौरान कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) रीटेल महंगाई कम होकर 2.18 फीसदी पर रही. जबकि अप्रैल के दौरान रीटेल महंगाई 2.99 फीसदी के स्तर पर थी.

सब्जी, दाले सस्ती, मई में मुद्रास्फीति रिकार्ड न्यूनतम स्तर पर
सब्जी और दाल जैसी खाने-पीने की वस्तुओं के सस्ता होने से खुदरा मुद्रास्फीति मई में रिकार्ड 2.18 फीसदी के निम्न स्तर पर आ गयी. हालांकि इस दौरान फल थोड़ा महंगे रहे. आलोच्य महीने में कपड़ा, आवास, ईंधन और बिजली की दरें सस्ती हुईं. खुदरा मुद्रास्फीति का मई का आंकड़ा इसका रिकार्ड न्यूनतम स्तर है.

अप्रैल में यह 2.99 फीसदी और मई 2016 में यह 5.76 फीसदी थी. कुल मिलाकर खाद्य मुद्रास्फीति में आलोच्य महीने में 1.05 फीसदी की गिरावट आयी. मई में सब्जियों की कीमतें सालाना आधार पर 13.44 फीसदी नीचें रहीं. दाल दलहनों के भाव एक साल पहले की तुलना में 19.45 फीसदी नीचे रहे.

IIP आंकड़ों में सुधार केन्द्र सरकार के लिए इसलिए भी बड़ी राहत है क्योंकि पिछले साल इस माह में इंडस्ट्रियल ग्रोथ 6.5 फीसद थी और नोटबंदी के बाद इसे बड़ा धक्का लगा था. लिहाजा, आंकड़ों में मजबूती आने से केन्द्र सरकार को आर्थिक स्थिति मजबूत होने का जायजा मिल रहा है.

गौरतलब है कि महंगाई में कमी से केन्द्रीय रिजर्व बैंक को अब अगली द्विमासिक मौद्रिक नीति निर्धारित करते समय ब्याज दरों में कटौती करने का फैसला लेने में आसानी होगी. बीते हफ्ते महंगाई के डर और जीएसटी की चुनौतियों के चलते केन्द्र सरकार ने ब्याज दरों कटौती करने से इनकार कर दिया था.

 

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