नई दिल्ली : प्रदूषण के मामले में भले ही कानपुर अव्वल बना हो पर अपना सेंट्रल स्टेशन सफाई के मामले में अपनी स्थिति सुधारता दिख रहा है। यही वजह है कि पिछले साल की तुलना में इस बार सफाई में आई सर्वे रिपोर्ट में कानपुर सेंट्रल ने 100 अंकों की छलांग लगाई है। इसके चलते रैंकिंग 285 से घटकर 185 आ गई है। स्वच्छता को लेकर निजी संस्था क्यूसीआई ने सर्वे किया था। इसकी अधिकृत रिपोर्ट मंगलवार को मुख्यालय से डायरेक्टर जितेंद्र कुमार को मिली। स्वच्छता का ग्राफ बढ़ने से डायरेक्टर ने मातहतों संग बैठक कर खुशी जताई और संकल्प लिया कि साल भर में सफाई इतनी बेहतर करेंगे कि कानपुर सेंट्रल टॉप-50 में होगा।
सर्वे रिपोर्ट अप्रैल-2017 से 20 नवंबर तक की है, जबकि 285 अंकों की रैंकिंग अप्रैल-2016 से 31 मार्च-2017 तक की थी। रेलवे अफसरों का दावा है कि यह तोहफा सेंट्रल स्टेशन पर गंदगी में चलाए गए अभियान की वजह से मिला है। साथ ही रेलवे ने दफ्तरों से लेकर प्लेटफॉर्म के काम को ठेके पर दे दिया।
आठ महीने में 2567 के गंदगी में हुए चालान
रेलवे ने सफाई का स्तर ऊंचा करने के लिए प्रशासनिक अभियान भी चलाया। इसके तहत बीते आठ महीने में 2567 यात्रियों को गंदगी फैलाने में पकड़ हजारों रुपए जुर्माना वसूला गया। इसके तहत यात्रियों की संख्या भी निरंतर गंदगी फैलाने में कम हो रही है।
क्यूसीआई ने देश के 407 स्टेशनों पर किया था सर्वे
रेलवे अफसरों ने बताया कि कानपुर सहित देश के 407 स्टेशनों पर सफाई के लिए निजी संस्था क्यूसीआई ने सर्वे किया। संस्था के सदस्यों ने तीन महीने में अलग-अलग समय पर स्टेशनों पर जाकर सफाई का आकलन किया। इसके आधार स्टेशनों को रैंकिंग दी गई, जबकि कानपुर सेंट्रल एनसीआर का सबसे व्यस्त स्टेशनों में से एक है।
यही माहौल रहा तो अगले साल कानपुर होगा टॉप फिफ्टी में
कानपुर सेंट्रल के डायरेक्टर जितेंद्र कुमार का कहना है कि मौजूदा में सफाई और साज-सज्जा को लेकर जो भी योजनाएं या व्यवस्थाएं चल रही हैं, उन्हीं संसाधनों के जरिए कानपुर सेंट्रल का सफाई के मामले में ग्राफ ऊंचा होगा। अगले साल टॉप-50 में कानपुर सेंट्रल की गणना होगी। इसकी मूल वजह यह है कि रेलवे के सफाई अभियान में आम यात्रियों का भी सहयोग मिलने लगा है। यात्री भी सफाई के प्रति स्टेशन से लेकर ट्रेनों तक जागरूक होने शुरू हो गए हैं।
- इन चीजों पर हुआ सर्वे
- सफाई के मौजूद संसाधन और उपकरण
- यात्रियों से सीधी बातचीत
- सीधा पर्यवेक्षण एवं सफाई स्टाफ की कार्यशैली