ज़ीका वायरस भारत में, WHO ने की पुष्टि

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WHO ने गुजरात में 3 लोगों के जीका वाइरस से पीड़ित होने की पुष्टि की है। भारत में इस वाइरस के पाए जाने का ये पहला मामला है। तीनों ही मरीज अहमदाबाद के बापूनगर इलाके के रहने वाले हैं।

WHO की वेबसाइट पर छपी रिपोर्ट के अनुसार अहमदाबाद के बीज.जे. मेडिकल कॉलेज ने 10 से 16 फरवरी 2016 के बीच 93 ब्लड सैंपल इकट्ठे किए थे। इनमें से एक 64 साल के बुजुर्ग में जीका वाइरस पाए गए। यह भारत में जीका वाइरस के संक्रमण का पहला केस है।

इसी तरह एक 34 साल की महिला के ब्लड सैंपल में भी जीका वाइरस पाने की पुष्टि हुई है। महिला ने पिछले साल नवंबर में बीजेएमसी में ही एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया था। उस समय लिए गए उसके ब्लड सैंपल में जीका वाइरस पाए जाने की पुष्टि हुई है। 22 साल की एक गर्भवती महिला भी जीका वाइरस से पीड़ित है। महिला का इसी साल जनवरी में ब्लड सैंपल लिया गया था। उस समय महिला को 37 हफ्ते का गर्भ था।

WHO ने गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों को पूरे शरीर के ढकने वाले और हल्के रंग के कपड़े पहनने की सलाह दी गई है।तथा जीका वाइरस से बचाव के सलाह भी दिए हैं। उसने कहा है कि मच्छरों के रोकथाम और उन पर नियंत्रण के जरिए इस वाइरस को फैलने से रोका जा सकता है। WHO ने मच्छरों को मारने वाली दवा के छिड़काव की सलाह दी है। उसने

इसके लक्षण और खतरे…
इसकी वजह से प्रभावित बच्चे का जन्म छोटे आकार और अविकसित दिमाग के साथ होता है। यह वायरस तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर देता है जिससे पीड़ित लकवे का शिकार भी हो सकता है। जीका वाइरस के पीड़ितों में तेज बुखार, जोड़ों में दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते, थकान, सिर दर्द और आंखों के लाल होने के लक्षण दिखते हैं। गर्भवती महिलाओं के इसके चपेट में आने की आशंका ज्यादा होती है।

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