बिहार की राजनीति एकबार फिर से गरम हो गयी है , राजद सुप्रीमो लालू यादव और दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल में बंद पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की कथित बातचीत का ऑडियो सामने आने के बाद बीजेपी लालू और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरने में जुट गई है। बीजेपी ने नीतीश सरकार से लालू के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने पटना में एक संवाददाता सम्मेलन में इस ऑडियो का जिक्र करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव ‘शर्मनाक’ तरीके से कानून तोड़ रहे हैं। वह ऐसे शख्स से बात कर रहे हैं जो 30 गंभीर मुकदमे का आरोपी है। उन्होंने कहा कि इस खुलासे से यह साबित हो गया है कि राज्य में अपराधी और सरकार के बीच साठगांठ है।
प्रसाद ने इस मौके पर विपक्षी पार्टियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘मैं बीजेपी के खिलाफ महागठबंधन बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे धर्मनिरपेक्ष ब्रिगेड से सवाल पूछना चाहता हूं। मैं सोनिया गांधी और राहुल गांधी, शरद यादव और सीताराम येचुरी से पूछना चाहता हूं कि क्या वह अपने धर्मनिरपेक्ष गठबंधन के लिए इस तरह के घृणित अपराध से समझौता करेंगे?
बता दें कि एक न्यूज चैनल ने शनिवार को लालू और शहाबुद्दीन की कथित बातचीत का ऑडियो जारी किया था। अंग्रेजी टीवी न्यूज चैनल ‘रिपब्लिक’ ने शनिवार को लालू और शहाबुद्दीन के बीच बातचीत का ऑडियो क्लिप जारी किया। चैनल का दावा है कि टेप में आवाजें लालू और शहाबुद्दीन की ही हैं।
ऑडियो में शाहबुद्दीन लालू से सीवान एसपी को हटाने की बात करता है। वो लालू से कहता है- आपका एसपी खत्म है। शहाबुद्दीन रामनवमी की किसी घटना का जिक्र करते हुए सीवान में दंगे की वॉर्निंग भी देता है। टेप में फोन पहले कोई और शख्स उठाता है और फिर कथित तौर पर लालू को देता है। लालू और शहाबुद्दीन के बीच ये बातचीत भोजपुरी में होती है। लालू शहाबुद्दीन की पूरी बात सुनने के बाद आखिर में ये कहते हुए फोन रख देते हैं कि वो एसपी को फोन लगा रहे हैं।
गौरतलब है कि शहाबुद्दीन पर चंदा बाबू के तीन बेटों की हत्या का आरोप है। चंदा बाबू के दो बेटों सतीश और गिरीश की 2004 में, जबकि तीसरे बेटे राजीव रोशन की 2014 में हत्या कर दी गई थी। राजीव रोशन अपने भाइयों की हत्या के मामले में गवाह थे। इस केस में बयान दर्ज कराए जाने से कुछ दिन पहले ही राजीव की हत्या कर दी गई थी।
क्या है शहाबुद्दीन और लालू की बातचीत में…
लालू यादव का फोन बजता है।
चार रिंग बजने के बाद लालू का सहयोगी उपेंद्र फोन उठाता है और कहता है- हां सर प्रणाम।
शहाबुद्दीन:क्या हाल है उपेंद्र?
उपेंद्र ठीक है भइया।
शहाबुद्दीन: कहां हैं लालू जी?
उपेंद्र:बैठे हुए हैं।
शहाबुद्दीन:फ्री हैं तो दो न उनको।
उपेंद्र:अच्छा देते हैं।
(18 सेकंड बाद लालू फोन पर जवाब देते हैं।)
लालू:हैलो
शहाबुद्दीन:जी प्रणाम
लालू:बोलो
शहाबुद्दीन:जरा, सीवान का भी खबर ले लीजिए।
लालू:सीवान के मीरागंज का तो सुना है।
शहाबुद्दीन:सीवान में ज्यादा है। उस दिन भी छाता वाला हम बताए हैं। आज नवमी था। पुलिस का डेपुटेशन करना चाहिए था।
लालू:नहीं किया था?
शहाबुद्दीन:नहीं, नहीं, कुछ नहीं। खतम है भाई एसपी आपका। हटाइये न ये सबको।
लालू:आज कुछ हुआ है।
शहाबुद्दीन: हमको लगता है पुलिस के तरफ से गोली भी चली है।
लालू: फायरिंग किया है। कहां पर?
शहाबुद्दीन: नवलपुर में तो ईट पत्थर चला था, लेकिन विधायक जी भी किसी से बात कर रहे थे तो इनको बताए लोग कि वहां कोई गोली चली है, पुलिस फायरिंग में।
लालू: कहां पर?
शहाबुद्दीन: पता कर लीजिए।
लालू: लगाओ तो एसपी को।